जस्टिस फॉर मुकुल: शहीद SP को इंसाफ दिलाने के लिए छिड़ी मुहिम
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मथुरा के जवाहर बाग से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई गोलीबारी में शहीद हुए एसपी मुकुल द्विवेदी के भाई प्रफुल्ल द्विवेदी ने फेसबुक पर 'जस्टिस फॉर मुकुल' नाम से एक अभियान की शुरुआत की है। इसके जरिए उन्होंने लोगों से उस गाोलीबारी के दौरान गलत तरीके से मार दिए गए अधिकारियों को न्याय दिलाने के लिए साथ आने की अपील की है।
प्रफुल्ल ने 7 जून को 'जस्टिस फॉर मुकुल' नाम से एक फेसबुक पेज बनाया जिसे शनिवार सुबह तक करीब पांच हजार से ज्यादा लोग लाईक कर चुके हैं। इस पेज पर कई खबरों के लिंक भी साझा किए गए हैं जिनमें से अधिकतर में इस बात का जिक्र किया गया है कि मुकुल को कम सुरक्षाबलों के साथ जबरदस्ती जवाहर बाग खाली कराने के लिए भेजा गया था।
इन खबरों में लिखा गया है कि मुकुल बार-बार लखनऊ में बैठे अधिकारों से मथुरा की नाजुक स्थिति के बारे में अवगत करा रहे थे और सिपाहियों के साथ आगे जाने से मना कर रहे थे लेकिन बावजूद इसके अधिकारियों ने उन्हें जबरदस्ती जवाहर बाग जाकर उसे खाली कराने के लिए मजबूर किया।
मुहिम में बढ़ चढ़कर आगे आ रहे लोग
ऐसे पोस्ट को सैकड़ों लोगों ने साझा भी किया है साथ ही लोग मुकुल को न्याय दिलाने की इस मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इतना ही नहीं फायरिंग शुरू होने के बाद एसपी मुकुल द्विवेदी के साथ मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों के भाग जाने को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही मथुरा में स्थित जवाहर बाग से रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों द्वारा कब्जाई गई जमीन को खाली कराने के लिए एसपी मुकुल द्विवेदी की अगुवाई में पुलिस टीम वहां पहुंची थी। इसी दौरान जमीन पर अवैध कब्जा करके बैठे लोगों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी थी जिसमें एसपी मुकुल द्विवेदी और एक अन्य पुलिस अधिकारी शहीद हो गए थे।
जब जवाहर बाग के कब्जाधारियों ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू की तो एसपी मुकुल द्विवेदी के साथ मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मी मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए थे। साथ ही इस बात का भी खुलासा हुआ कि उच्च अधिकारियों ने मुकुल द्विवेदी की चेतावनी की अनदेखी की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आदेश देते रहे।