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जेएनयू: दिल्ली पुलिस ने नौ तस्वीरें दिखाईं, लेकिन नकाबपोशों पर रही खामोश 

Sat, 11 Jan 2020 01:48 AM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Sat, 11 Jan 2020 01:48 AM IST
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JNU violence: delhi police keep mum on maskmen who attacked students
दिल्ली पुलिस - फोटो : एएनआई

जेएनयू हिंसा को लेकर आज पहली बार दिल्ली पुलिस खुलकर सामने आई। उसने प्रेस कांफ्रेंस कर हिंसा करने वाले कुछ आरोपियों के नाम बताए। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बताया कि रविवार तीन, चार और पांच जनवरी को क्या क्या हुआ था। उन्होंने तमाम वाकये गिनाए, तमाम नाम सामने किए, लेकिन उन नकाबपोशों के बारे में कुछ नहीं बताया जिन्होंने जेएनयू में हमले को अंजाम दिया था और जिसे लेकर आज पूरे देश में हाहाकार मचा है। 

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नकाबपोशों पर खामोशी 

दिल्ली पुलिस के डीसीपी जॉय तिर्की ने करीब पौने घंटा प्रेस कांफ्रेंस की लेकिन इस दौरान नकाबपोशों के बारे में कुछ नहीं कहा। एक के बाद उन्होंने नौ तस्वीरें दिखाईं लेकिन एक भी तस्वीर ऐसी नहीं थी जिसमें कोई नकाबपोश नजर आ रहा हो। जब पूरा देश जानना चाह रहा है कि हमले को अंजाम किसने दिया, दिल्ली पुलिस की खामोशी से सवाल उठा कि क्या सच पर से पर्दा कभी उठ सकेगा? हमलावर अचानक आए और फिर गायब हो गए। ये कैसे संभव है? कम से कम एक नकाबपोश की ही तस्वीर जारी कर देते। 

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पुलिस की ओर से दिखाई गई तस्वीरों में एक तस्वीर छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष की भी थी। वही आइशी घोष जिनका माथा हमलावरों ने फोड़ दिया था। माथे पर अभी भी पट्टी बंधी हुई है। इसके अलावा आठ और तस्वीरें हैं। लेकिन इनमें से कोई भी नकाबपोश नहीं है। वो तस्वीर भी नहीं दिखाई जिसमें एक महिला हमलावर मुंह पर कपड़े बांधे हुए है। इस तस्वीर की इन दिनों बड़ी चर्चा है। सोशल मीडिया पर खूब तैरी। लेकिन दिल्ली पुलिस खामोश ही रही। 

नौ तस्वीरें दिखाईं

जिन नौ तस्वीरों को पुलिस ने जारी किया उनके नाम जानिए- आइशी घोष, चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, सुचेता तालुकदार, भास्कर विजय, प्रिया रंजन, योगेंद्र भारद्वाज (यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट के एडमिन), विकास पटेल, डोलन सामंता। पुलिस ने कहा कि ये सभी तीन, चार और पांच जनवरी की झड़प में शामिल थे।



प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दिल्ली पुलिस बताती रही कि सर्वर रूम पर किसने हमला किया, रजिस्ट्रेशन कर रहे छात्रों को कौन डरा रहा था, कौन सर्वर से छेड़छाड़ कर रहा था, किसने स्टाफ से बदसलूकी की। पर नकाबपोश हमलावरों की उसके पास कोई जानकारी नहीं थी। आज पांच दिन हो गए, राजधानी की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में भयंकर हमले को अंजाम दिया गया, कई छात्र और शिक्षकों को घायल किया गया, लेकिन दिल्ली पुलिस के पास आज तक कोई सूत्र नहीं लगा। 

दिल्ली पुलिस ने बताया कि जेएनयू हिंसा मामले में उसने कुल तीन केस दर्ज किए हैं। पहला- सर्वर रूम में तोड़फोड़, दूसरा- रजिस्ट्रेशन समर्थकों से मारपीट, तीसरा- हॉस्टल में घुसकर हमला। 20-30 नकाबपोशों की भीड़ पर उसके पास कहने लायक कुछ नहीं था। 
 

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