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हार्दिक पटेल के बाद गुजरात में आंदोलन का नया चेहरा बने जिग्नेश मेवानी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 08 Aug 2016 01:48 PM IST
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जिग्नेश मेवानी
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पिछले एक साल में गुजरात में आंदोलनों के दौरान पाटीदारों और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच में से हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकुर के उद्भव के बाद से, राज्य का दलित वर्ग भी अपने बीच में एक युवा नेता की कमी महसूस कर था। इस कमी को गुजरात में चल रहे दलित आंदोलन के दौरान पत्रकार से वकील बने जिग्नेश मेवानी ने पूरी कर दिया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 35 वर्षीय जिग्नेश ऊना में दलितों की पिटाई के बाद गुजरात में चल रहे दलित आंदोलन का मुख्य चेहरा बनकर उभरें हैं। ऊना में दलितों पर हुए अत्याचार के बाद जिग्नेश ने ही दलित समुदाय को समाज की गंदगी उठाने से मना किया था। जिग्नेश ने दलित समुदाय के लोगों को शपथ दिलवाई की आज से वो ना तो मैला उठाएंगे और ना ही मरे हुए पशुओं को लेकर जाएंगे।
जिगनेश को लगता है कि अगर दलित समुदाय के लोग पहले से साथ आ जाते तो ऐसा नहीं होता। वह 2012 में गुजरात में तीन दलितों की हत्या का मुद्दा उठाते हुए वह कहते हैं कि अगर सब लोग तब एक हुए होते तो यहां तक की नौबत ही नहीं आती। हालांकि, जिगनेश यह भी मानते हैं कि अबकी बार सब लोग उनके साथ हैं जिसमें दलित के अलावा मुस्लिम और बाकी जातियों के लोग भी शामिल हैं।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 35 वर्षीय जिग्नेश ऊना में दलितों की पिटाई के बाद गुजरात में चल रहे दलित आंदोलन का मुख्य चेहरा बनकर उभरें हैं। ऊना में दलितों पर हुए अत्याचार के बाद जिग्नेश ने ही दलित समुदाय को समाज की गंदगी उठाने से मना किया था। जिग्नेश ने दलित समुदाय के लोगों को शपथ दिलवाई की आज से वो ना तो मैला उठाएंगे और ना ही मरे हुए पशुओं को लेकर जाएंगे।
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जिगनेश को लगता है कि अगर दलित समुदाय के लोग पहले से साथ आ जाते तो ऐसा नहीं होता। वह 2012 में गुजरात में तीन दलितों की हत्या का मुद्दा उठाते हुए वह कहते हैं कि अगर सब लोग तब एक हुए होते तो यहां तक की नौबत ही नहीं आती। हालांकि, जिगनेश यह भी मानते हैं कि अबकी बार सब लोग उनके साथ हैं जिसमें दलित के अलावा मुस्लिम और बाकी जातियों के लोग भी शामिल हैं।
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आम आदमी पार्टी से जुड़े है जिग्नेश मेवानी
जिग्नेश मेवानी
जिग्नेश इस बात को स्वीकार करते हैं कि वो राज्य के दलित समुदाय के लोगों का नेतृत्व करना चाहते हैं। जिग्नेश ने बताया कि राज्य में इसके पहले भी बहुत भी से दलित संगठन रहें हैं लेकिन कोई भी संगठन पुरजोर तरीके से दलित मुद्दो को नहीं उठा पाया है। दलित समुदाय को एक नेतृत्त की तलाश है।
जिग्नेश ने इंग्लिश लिट्रेचर से ग्रेजुएशन किया है, वह पत्रकार भी रह चुके हैं। फिलहाल वह वकालत कर रहे हैं। इन सब के साथ मेवानी गुजारत में आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं और राज्य में उसके प्रवक्ता भी हैं। अपने राजनीतिक करियर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘200 प्रतिशत मैं राजनीति में आऊंगा। लेकिन मैं आम आदमी पार्टी से इसलिए जुड़ा हूं ताकि दलित समुदाय के लिए जो मैं करना चाहता हूं वह सब कर सकूं।’
1980 में जन्मे मेवानी का घर मेहसाणा जिले के दलित बहुल इलाके में है। उनके पिता अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में क्लर्क थे जो कि अब रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन अहमदाबाद के एच के आर्ट्स कॉलेज से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई उन्होंने मुंबई के भावन्स कॉलेज से की थी। मेवानी ने गुजराती मैगजीन और एक गुजराती अखबार के लिए लगभग 4 साल तक काम किया है।
जिग्नेश ने इंग्लिश लिट्रेचर से ग्रेजुएशन किया है, वह पत्रकार भी रह चुके हैं। फिलहाल वह वकालत कर रहे हैं। इन सब के साथ मेवानी गुजारत में आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं और राज्य में उसके प्रवक्ता भी हैं। अपने राजनीतिक करियर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘200 प्रतिशत मैं राजनीति में आऊंगा। लेकिन मैं आम आदमी पार्टी से इसलिए जुड़ा हूं ताकि दलित समुदाय के लिए जो मैं करना चाहता हूं वह सब कर सकूं।’
1980 में जन्मे मेवानी का घर मेहसाणा जिले के दलित बहुल इलाके में है। उनके पिता अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में क्लर्क थे जो कि अब रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन अहमदाबाद के एच के आर्ट्स कॉलेज से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई उन्होंने मुंबई के भावन्स कॉलेज से की थी। मेवानी ने गुजराती मैगजीन और एक गुजराती अखबार के लिए लगभग 4 साल तक काम किया है।