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जिगिषा घोष हत्याकांड: फांसी की सजा पाए दोषियों के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:50 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट ने जिगिषा घोष हत्या मामले में फांसी की सजा पाए दो दोषियों को पेश करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। मौत की सजा सुनाने वाली निचली अदालत ने इनकी फांसी की सजा की पुष्टि के लिए मामले की फाइल हाईकोर्ट को भेजी है। न्यायमूर्ति गीता मित्तल व न्यायमूर्ति आरके गाबा की खंडपीठ ने तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि दोषी रवि कपूर व अमित शुक्ला को 15 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
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खंडपीठ ने यह वारंट अभियोजन पक्ष के तर्क पर जारी किया है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने खंडपीठ से आग्रह किया कि दोनों दोषियों को तलब कर पूछा जाए कि वे इस सजा के खिलाफ अपील करना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों अपील नहीं करना चाहते, तो निचली अदालत द्वारा सजा की पुष्टि के लिए भेजी गई फाइल पर सुनवाई की जाए।
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खंडपीठ ने कहा कि यदि दोषी सजा के खिलाफ अपील करते हैं, तो सजा पर पुष्टि व अपील पर साथ सुनवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी बलजीत मलिक ने सजा के खिलाफ अपील पहले ही दायर कर दी थी।
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बता दें कि निचली अदालत के लिए यह अनिवार्य है कि वह मौत की सजा के मामले में पुष्टि के लिए फैसला सुनाए जाने के 30 दिन के भीतर फाइल हाईकोर्ट को भेजे।
गौरतलब है कि अदालत ने 14 जुलाई को दोनों को 28 वर्षीय आईटी पेशेवर जिगिषा घोष की हत्या सहित अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराया था। तीसरे मुजरिम बलजीत मलिक को जेल में उसके अच्छे व्यवहार के चलते फांसी से राहत दी थी। यह हत्याकांड वर्ष 2009 में हुआ था। दोनों दोषियों ने फिलहाल निचली अदालत के फैसले को चुनौती नहीं दी है। यद्यपि मलिक ने अपने वकील अमित कुमार के जरिए निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा देने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।