सराफा दुकानों के वीडियो फुटेज व बिलिंग की हो रही गहन पड़ताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के बाद पुराने नोटों से जमकर सोने व चांदी की खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अब सराफा दुकानों के वीडियो फुटेज को खंगाला जा रहा है। वहीं गत 8 नवंबर की रात के बाद से की गई बिक्री की बिलिंग की भी सघन पड़ताल की जा रही है।
सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई के अंदेशे के बीच फिलहाल सराफा बाजार की रौनक खत्म हो गई है। बिक्री का आलम यह है कि इक्का-दुक्का खरीदार ही सराफा बाजार में नजर आ रहे हैं।
किन फुटेज की हो रही है जांच
गत 8 नवंबर को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एलान किया था। आयकर विभाग व संबंधित सरकारी महकमे को जिन-जिन सराफा कारोबारियों पर शक है, उनसे आठ नवंबर की शाम के बाद के वीडियो फुटेज देने के लिए कहा गया है।
फुटेज से यह खंगाला जा रहा है कि 8 नवंबर की रात 8 बजे के बाद कितने लोगों ने खरीदारी की और सराफा कारोबारियों की तरफ से कितने लोगों की बिलिंग की गई।
हो रही पड़ताल क्या पहले भी कभी की है इतनी अधिक बिक्री
कई सराफा कारोबारियों ने 8-9 नवंबर के दिन अपनी भारी बिक्री दिखाई है। उनकी बिलिंग से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी किसी दिन उन्होंने इतनी अधिक बिक्री की है।
जेम्स व ज्वेलरी फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन मनीष जैन ने बताया कि मान लीजिए अगर किसी कारोबारी ने 8-9 नवंबर की रात 50 लाख रुपये का कारोबार किया तो कम से कम साल में एक-दो बार उसकी ऐसी बिक्री और भी होनी चाहिए।
बिलिंग की जांच के लिए यह भी देखा जा रहा है कि रात में कितने लोग आए और एक बिल बनाने में लगने वाले समय के साथ बिल की संख्या मेल खा रही है या नहीं।
25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है सोना
सराफा बाजार में बिक्री नहीं के बराबर
दिल्ली के सराफा बाजार कूंचा महाजनी के कारोबारी विमल गोयल ने बताया कि नोटबंदी के बाद से बाजार में भय का माहौल है और बिक्री नाममात्र की रह गई है।
अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इंफ्रास्ट्र्क्चर क्षेत्र में अधिक निवेश करने, अमेरिकी फेडरल की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी व भारत में सोने की मांग में हो रही गिरावट को देखते हुए सोने के भाव आगामी फरवरी-मार्च तक 25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आने का अनुमान है।
जेम्स व ज्वेलरी फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन मनीष जैन कहते हैं कि अमेरिका की नई नीतियों की वजह से सोने को छोड़ अन्य सभी धातुओं के दाम में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। चीन के बाद भारत सोने की खपत करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।