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सराफा बाजार में अघोषित हड़ताल, छापे के डर से फिर रहे भागे-भागे
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Thu, 24 Nov 2016 04:23 AM IST
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सराफा कारोबारी इन दिनों आयकर विभाग के छापे के डर से आतंकित हैं। आलम यह है कि दिल्ली के सबसे बड़े सराफा बाजार कूंचा महाजनी में अधिकतर दुकानें बंद हैं। कारोबारियों को इस बात की आशंका है कि दुकान खोलते ही उनके यहां आयकर विभाग के अधिकारी आ धमकेंगे। ज्वेलर्स व सराफा कारोबारियों के मुताबिक, अब सरकार की तरफ से किसी छापेमारी की कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन मिलने के बाद ही सराफा बाजार सामान्य रूप से खुल पाएगा।
गत 8 नवंबर को 1,000-500 रुपये के नोटों के चलन को बंद करने की घोषणा के तुरंत बाद काफी बड़ी मात्रा में लोगों ने सोने की खरीदारी की। 8 नवंबर को रात भर पुराने 500-1,000 रुपये के नोटों से सोने की खरीदारी की गई और सोने के भाव प्रति 10 ग्राम 60-70 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गए थे। सरकार को इस खरीदारी की सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग से नोटबंदी के बाद जमकर सोने की बिक्री करने वाले सराफा कारोबारियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ करने के लिए कहा गया।
एक सराफा कारोबारी ने बताया कि आयकर विभाग की तरफ से इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। कई सराफा कारोबारियों को पिछले चार-पांच दिनों में आयकर विभाग ने नोटिस दिया है। कारोबारियों को अलग-अलग तारीख पर आयकर विभाग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।
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ज्वेलर्स ने बताया कि सराफा कारोबारियों के बीच दहशत का माहौल है। आयकर विभाग की छापेमारी के डर से वे दुकान नहीं खोल रहे हैं। फिलहाल गहनों की जो बिक्री हो रही है वह काफी विश्वस्त लोगों के माध्यम से की जा रही है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, 8-9 नवंबर को की गई बिक्री का हिसाब तय करने के बाद ही वे सामान्य रूप से दुकान खोल पाएंगे।
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गत 8 नवंबर को 1,000-500 रुपये के नोटों के चलन को बंद करने की घोषणा के तुरंत बाद काफी बड़ी मात्रा में लोगों ने सोने की खरीदारी की। 8 नवंबर को रात भर पुराने 500-1,000 रुपये के नोटों से सोने की खरीदारी की गई और सोने के भाव प्रति 10 ग्राम 60-70 हजार रुपये के स्तर पर पहुंच गए थे। सरकार को इस खरीदारी की सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग से नोटबंदी के बाद जमकर सोने की बिक्री करने वाले सराफा कारोबारियों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ करने के लिए कहा गया।
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एक सराफा कारोबारी ने बताया कि आयकर विभाग की तरफ से इस मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। कई सराफा कारोबारियों को पिछले चार-पांच दिनों में आयकर विभाग ने नोटिस दिया है। कारोबारियों को अलग-अलग तारीख पर आयकर विभाग के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।
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ज्वेलर्स ने बताया कि सराफा कारोबारियों के बीच दहशत का माहौल है। आयकर विभाग की छापेमारी के डर से वे दुकान नहीं खोल रहे हैं। फिलहाल गहनों की जो बिक्री हो रही है वह काफी विश्वस्त लोगों के माध्यम से की जा रही है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, 8-9 नवंबर को की गई बिक्री का हिसाब तय करने के बाद ही वे सामान्य रूप से दुकान खोल पाएंगे।