मोदी कैबिनेट के लिए जदयू की हां, वाईएसआर कांग्रेस भी हो सकती है शामिल
- नीतीश की हां, वाईएसआरसीपी भी हो सकती है शामिल
- शुरू हुई मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार पर हलचल
- नीतीश की हां, वाईएसआरसीपी भी हो सकती है शामिल
- झारखंड चुनाव के बाद और बजट सत्र से पहले विस्तार शुरू हुआ विमर्श
- टीडीपी का रुख नरम पर भाव देने को तैयार नहीं भाजपा
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विस्तार
मोदी मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार झारखंड चुनाव के बाद और बजट सत्र के पहले संभव है। जदयू ने सरकार में शामिल होने पर हामी भर दी है तो वाईएसआरसीपी से इस संबंध में विमर्श का सिलसिला शुरू किया गया है। इस बीच टीडीपी ने नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में वोट देकर भाजपा से संबंध सुधारने की पहल की है। हालांकि भाजपा फिलहाल टीडीपी को भाव देने के मूड में नहीं है।
जदयू सूत्रों के मुताबिक विस्तार के संदर्भ में भाजपा की ओर से पहल की गई है। भाजपा का कहना था कि सरकार में शामिल न होने के कारण बिहार में दोनों दलों का गठबंधन कायम रहने पर संदेह जताया जा रहा है। चूंकि अगले साल ही राज्य में विधानसभा चुनाव है।
ऐसे में इस तरह का सियासी संदेश उचित नहीं है। यही कारण है कि संदेह दूर करने की प्रक्रिया के तहत नागरिकता बिल की धुर विरोधी रही जदयू ने संसद के दोनों सदनों में बिल के समर्थन में वोट किया।
चूंकि अब शिवसेना राजग में नहीं है। ऐसे में जदयू को नई परिस्थिति में अधिक और अहम मंत्रालय मिलने की उम्मीद है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक वाईएसआरसीपी जल्द ही राजग में शामिल हो सकती है। इस संबंध में विमर्श का सिलसिला जारी है। वाईएसआरसीपी ने दोनों ही सदनों में नागरिकता बिल का समर्थन किया था। सूत्रों का कहना है कि पहले वाईएसआरसपी को राजग में शामिल किया जाएगा, इसके बाद उसे सरकार में जगह दी जाएगी।
भाजपा और वाईएसआरसीपी में बढ़ती नजदीकी से चिंतित टीडीपी भी अब संबंध सुधारना चाहती है। नागरिकता बिल का समर्थन कर टीडीपी ने इस दिशा में बड़ी पहल की है। मगर भाजपा फिलहाल टीडीपी को भाव देने केमूड में नहीं है।
राज्यों और राजग में बना सकते हैं संतुलन
पीएम मोदी पहले विस्तार के जरिये राजग में संतुलन बना सकते हैं। इस कड़ी में अपना दल को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जगह उनके पुत्र चिराग को टीम मोदी में शामिल किया जा सकता है।
अगर चिराग को राज्य मंत्री का दर्जा मिला तो राजग के संयोजक पद की कमान रामविलास को दी जा सकती है। इसके अलावा पीएम इसके जरिए राज्यों के बीच संतुलन कायम कर सकते हैं।