जयललिता की भतीजी ने दिए राजनीति में आने के संकेत
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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद AIDMK में शक्ति संघर्ष साफ नजर आ रहा है। जहां शनिवार को पार्टी के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने शशिकला से पार्टी की बारडोर संभालने का आग्रह किया तो वहीं दूसरी ओर जयललिता की भतीजी ने इस बात पर सवाल उठाए हैं।
जयललिता की भतीजी दीपा ने इस फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' कहा है। पार्टी के एक धड़े में शशिकला को लेकर चल रहे असंतोष को दीपा के बयान ने हवा दे दी है। कहा जा रहा है पार्टी का एक बड़ा धड़ा ये नहीं चाहता कि शशिकला को कमान सौंपी जाए।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जयललिता के भाई जयकुमार की बेटी दीपा जयकुमार ने पार्टी के भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। दीपा ने कहा है कि इससे पार्टी में असंतोष फैलेगा। कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ेगी।
मौके हैं तो राजनीति में आाना कोई गलत नहीं: दीपा
दीपा ने अंग्रेजी अखबार से बातचीत में कहा कि 'पक्के तौर पर लोग इस फैसले से उत्साहित होने वाले नहीं हैं।' जब दीपा से सवाल किया गया कि क्या वो राजनीति में कदम रखेंगी। तो उन्होंने साफ किया कि 'अगर मौके हैं तो राजनीति में आाना कोई गलत नहीं है।'
दीपा ने साफ शब्दों में खुद की राजनीति में दावेदारी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि 'लोकतंत्र में सबसे अच्छा ये होता है कि आप फैसला जनता के हाथ में छोड़ दें। पार्टी के नेताओं को लोगों की बात सुननी चाहिए और इसी आधार पर भविष्य का फैसला करना चाहिए।
दीपा ने उन दावों को सिरे से नकार दिया जिसमें कहा गया था कि जयललिता ने खुद शशिकला या उनके रिश्तेदार को अपना राजनैतिक वारिस चुना। दीपा कहती हैं कि मेरी बुआ ने उन्हें उल्टा राजनीति से दूर रखा। उन्होंने बुआ के पीठ पीछे बहुत कुछ किया।