आतंकियों के निशाने पर जम्मू: स्लीपर सेल सक्रिय, जानिए शांत इलाके में 'करो या मरो' पर क्यों उतरा पड़ोसी
जम्मू में आतंकी गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। खुफिया एजेंसियों से मिल रहे अलर्ट अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं।
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पिछले कुछ समय से जम्मू में आतंकी गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। कई दिनों तक ड्रोन हमले उत्पात मचा रहे थे। अब खुफिया एजेंसियों से मिल रहे अलर्ट, शांतिपूर्ण व्यवस्था के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इन सबके बीच सवाल उठ रहे हैं कि आतंकियों ने कश्मीर से 'जम्मू' की तरफ क्यों बढ़ना शुरू कर दिया है? धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए पहचाने जाने वाला यह शांत इलाका पाकिस्तान के लिए 'करो या मरो' जैसा क्यों हो गया है?
दरअसल, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों के जम्मू में बड़ी संख्या में मौजूद स्लीपर सेल अचानक सक्रिय हो उठे हैं। जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा मामलों के विश्लेषक ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) कहते हैं, कश्मीर के शांत माहौल से पाकिस्तान विचलित होता जा रहा है। वह तो पहले से भी दुनिया के सामने इस झूठ को फैलाता आया है कि जम्मू कश्मीर के घाटी वाले इलाके में अशांति व्याप्त है। लोग आजादी की मांग कर रहे हैं। अब पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर यह दुष्प्रचार करना चाहता है कि केवल कश्मीर ही नहीं, बल्कि जम्मू में भी लोग अशांत हैं। वे केंद्र की नीतियों के खिलाफ हैं। इसी मकसद से पाकिस्तान ने जम्मू को अशांत बनाने के लिए एक घिनौनी साजिश रची है।
अपने ही जाल में फंसे इमरान
ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) के मुताबिक, पाक पीएम इमरान खान अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। उन्होंने कश्मीर में हर तरीके से अशांति फैलाने का प्रयास किया। आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग देकर घाटी में उतार दिया। लोकल युवाओं को हथियार और पत्थर उठाने पर मजबूर किया गया। इसके बावजूद वह अपनी साजिश यानी जम्मू-कश्मीर को अस्थिर करने में कामयाब नहीं हो सका। अब जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से अशांति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
अपनी नई रणनीति में इस बार पाकिस्तान ने जम्मू को टारगेट किया है। पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ में पुलिस ने ऐसी साजिशें नाकाम की हैं। इन साजिशों को स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया जाना था। बतौर अनिल गुप्ता, पाकिस्तानी आईएसआई ने अब सांप्रदायिकता को बड़ा हथियार बनाया है। जम्मू जो कि पूरी तरह शांत इलाका रहा है, वहां भारी संख्या में स्लीपर सेल को एक्टिव किया गया है। पाकिस्तान की मंशा है कि किसी भी तरह से दुनिया को यह दिखाया जाए कि कश्मीर ही नहीं, बल्कि जम्मू भी अशांत है। यहां पर भी कश्मीर की भांति अल्पसंख्यकों पर जुल्म किए जा रहे हैं।
दंगा कराने की रची जा रही साजिश
जम्मू में जिस तरह के खुफिया इनपुट मिल रहे हैं, उनमें सांप्रदायिक दंगा कराने की साजिश सामने आई है। जम्मू, उधमपुर और दूसरे इलाकों में स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं। केवल हिंदू मुस्लिम ही नहीं, बल्कि सिखों को भी इस साजिश का हिस्सा बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) कहते हैं, अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के निकट पंजाब, जम्मू, पठानकोट और उधमपुर में सैन्य ठिकाने लगते हैं। पाकिस्तानी स्लीपर सेल इन ठिकानों पर भी ड्रोन से हमला कर सकते हैं। जम्मू में तो कई दिन तक ड्रोन उड़ाए जाते रहे हैं। घाटी में पांच आतंकी मारे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा को नहीं मानता पाक
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सचेत हैं। पाकिस्तान तो अभी तक अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा को आईबी नहीं मानता। वह इसे वर्किंग बॉर्डर कहता है। पाकिस्तान, अपने स्लीपर सेल के जरिए नारकोटिक्स और दूसरे अवैध पदार्थ, आईबी के मार्फत सीमा पार कराने का प्रयास करता है।
जम्मू में ड्रोन हमला, पाकिस्तानी की इसी साजिश का हिस्सा है। पिछले दिनों पकड़े गए टीआरएफ के आतंकी से हुई पूछताछ में भी यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान, जम्मू में सांप्रदायिक दंगा कराना चाहता है। इसके लिए पाकिस्तान ने स्लीपर सेल को ट्रेंड किया है।
यह है घिनौनी साजिश, पर कामयाब नहीं होगा पाक
चूंकि पाकिस्तान को दुनिया को यह दिखाना है कि जम्मू कश्मीर पूरी तरह से अशांत क्षेत्र है, इसलिए उसने जम्मू को निशाना बनाने की योजना बनाई है। इस साजिश में पाकिस्तान कामयाब नहीं होगा। दशकों से जम्मू में हिंदुओं, मुस्लिमों और सिखों का भाईचार रहा है। यह आगे भी जारी रहेगा। अनिल गुप्ता ने कहा, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां बहुत जल्द स्लीपर सेल को उनके ठिकानों से बाहर निकालेंगी।