Jammu Floods: बाढ़ से नुकसान का आकलन करेगी केंद्रीय सर्वेक्षण टीम, क्यों फट रहे बादल? AI से पता लगाएंगे जानकार
जम्मू-कश्मीर मौसम की मार से बेहाल है। बाढ़ और बादल फटने के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीम जम्मू जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ये पता लगाया जाएगा कि बादल क्यों फट रहे हैं। जानिए केंद्र सरकार क्या तैयारी कर रही है?
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू में वर्षा, बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। गृह मंत्री जम्मू में चक मांगू गांव के बाढ़-प्रभावित लोगों से भी मिले। वे तवी पुल, शिव मंदिर और जम्मू में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए घरों का भी निरीक्षण करने भी पहुंचे। शाह ने कहा, बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने गृह मंत्रालय की एक सर्वेक्षण टीम, जल्द ही जम्मू पहुंचेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, मौसम विभाग व एनडीएमए को डेटा एनालिटिक्स और एआई के उपयोग से बादल फटने के कारणों का अध्ययन करना चाहिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में ताजा स्थिति की समीक्षा की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री ने हाल की घटनाओं में हुई जन-हानि पर दुख व्यक्त किया। शाह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में, पहले दिन से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। भारत सरकार ने बचाव कार्यों में अपनी पूरी शक्ति लगा दी है। केन्द्रशासित प्रदेश और सभी एजेंसियों ने मिलकर संभावित नुकसान को बहुत कम किया है। समन्वित प्रयासों के साथ हम कई जानें बचाने में सफल हुए हैं। हमारी सभी अर्ली वॉर्निंग एप्स की पद्धतियों, उनकी सटीकता और उनकी जमीनी पहुंच का क्रिटिकल एनिलिसिस होना चाहिए। बार-बार समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार करना ही हमें जीरो कैज़ुअल्टी अप्रोच की दिशा में लेकर जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, भारतीय खाद्य निगम, पर्याप्त राशन की व्यवस्था करे और दस दिन बाद कनेक्टिविटी की स्थिति को देखते हुए राशन की डिलिवरी ऑफलाइन करने का निर्णय लिया जा सकता है।
अमित शाह ने कहा कि एक-दो दिन में ही गृह मंत्रालय की सर्वेक्षण टीमें यहां नुकसान का जायजा लेने आएंगी। उसके बाद सहायता भी प्रदान की जाएगी। स्वास्थ्य और जल विभाग को सक्रिय होकर जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और वायु सेना के मेडिकल दस्तों की सहायता ली जा सकती है। चूंकि जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक आपदा-संभावित क्षेत्र है, इसीलिए केन्द्र के हिस्से के रूप में राज्य आपदा मोचन निधि के लिए 209 करोड़ रुपये की राशि केन्द्रशासित प्रदेश को आवंटित की गई है, जिससे यहां राहत कार्य शुरू हो गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार और केन्द्रशासित प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा समय पर दी गई चेतावनियों से जन-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिली है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, सेना, केन्द्रशासित प्रदेश आपदा मोचन बल, अन्य प्रतिक्रिया दल, सभी अलर्ट पर थे। हेलीकॉप्टर भी तैयार थे। उन्होंने कहा कि सेना और एनडीआरएफ की तैनाती के बारे में भी सभी को सूचित कर दिया गया था। लोगों की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त घरों के लिए एसडीआरएफ के तहत सहायता का आकलन किया जा रहा है। इसे जल्द से जल्द वितरित किया जाएगा।
कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और उनकी मरम्मत का काम शुरू हो गया है। अधिकांश सड़कों पर यातायात शुरू हो गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 80 प्रतिशत से अधिक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। स्वास्थ्य सुविधाएँ सुचारू रूप से चल रही हैं। महत्वपूर्ण क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है और उसकी अस्थायी बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की है।
एहतियात के तौर पर 5000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। एनडीआरएफ की 17 टीमें और सेना की 23 टुकड़ियां, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर, यूटीडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान अभी भी पूरे अभियान में लगे हुए हैं। वे लोगों की मदद कर रहे हैं। केन्द्रशासित प्रदेश प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन की व्यवस्था की गई है और स्थिति बहुत जल्द सामान्य हो जाएगी। शाह ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया है कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, केन्द्र सरकार, जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है।