{"_id":"5b28da334f1c1bca228b669d","slug":"jammu-and-kashmir-government-is-in-minority-now-what-options-does-pdp-has","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के क्या हैं विकल्प, जानें सभी समीकरण","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अब जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन के क्या हैं विकल्प, जानें सभी समीकरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 19 Jun 2018 03:55 PM IST
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन टूट गया। जिसके बाद महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में आ गई है। बीजेपी ने समर्थन वापसी की चिट्ठी जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को सौंप दी है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुफ्ती शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। वहीं पीडीपी ने भी पार्टी की बैठक बुला ली है। मीडिया से बातचीत में पार्टी महासचिव राम माधव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर चर्चा हुई उसके बाद पार्टी ने यह फैसला लिया।
कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के मद्देनजर आगे क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है। आइए देखते हैं कि अब क्या विकल्प हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 44 है। पिछले विधानसभा चुनाव में यह संख्या बल किसी भी पार्टी को नहीं मिला। इसलिए जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार बनी।
पहला विकल्प
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने में अभी तीन साल का समय बचा है। ऐसे में अगर फिर से गठबंधन सरकार बनाने की पहल की जाती है तो पीडीपी को कांग्रेस का हाथ थामना होगा। इसके लिए उसे अन्य विधायकों के समर्थन की भी जरूरत होगी।
विज्ञापन
दूसरा विकल्प
अगर पीडीपी और कांग्रेस में सरकार गठन पर बात नहीं बनी तो दूसरा विकल्प यह है कि बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) आपस में हाथ मिला लें। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा हासिल करने में अन्य विधायकों का साथ चाहिए होगा।
तीसरा विकल्प
अगर बीजेपी और एनसीपी में सरकार गठन पर सहमति नहीं बनती है तो पीडीपी अपने चिरप्रतिद्वंद्वी एनसीपी का गठजोड़ बनाने के लिए आगे आए और कांग्रेस भी सरकार में शामिल हो तो आसानी से 55 का जादुई आंकड़ा हासिल किया जा सकता है जो बहुमत से बहुत ज्यादा होगा।
चौथा विकल्प
अगर विभिन्न दलों के बीच इन विकल्पों पर कोई सहमति नहीं बनती है तो फिर राज्यपाल शासन लागू होगा। इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। भाजपा ने राज्यपाल शासन लगाने की मांग भी की है। इसके बाद चुनाव में जाने का ही विकल्प बचता है।
विज्ञापन
कुल मिलाकर जम्मू-कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के मद्देनजर आगे क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल बनकर उभरा है। आइए देखते हैं कि अब क्या विकल्प हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 44 है। पिछले विधानसभा चुनाव में यह संख्या बल किसी भी पार्टी को नहीं मिला। इसलिए जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार बनी।
विज्ञापन
पहला विकल्प
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने में अभी तीन साल का समय बचा है। ऐसे में अगर फिर से गठबंधन सरकार बनाने की पहल की जाती है तो पीडीपी को कांग्रेस का हाथ थामना होगा। इसके लिए उसे अन्य विधायकों के समर्थन की भी जरूरत होगी।
विज्ञापन
| पीडीपी | कांग्रेस | अन्य | बहुमत |
| 28 | 12 | 04 | 44 |
दूसरा विकल्प
अगर पीडीपी और कांग्रेस में सरकार गठन पर बात नहीं बनी तो दूसरा विकल्प यह है कि बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) आपस में हाथ मिला लें। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा हासिल करने में अन्य विधायकों का साथ चाहिए होगा।
| बीजेपी | एनसी | अन्य | बहुमत |
| 25 | 15 | 04 | 44 |
तीसरा विकल्प
अगर बीजेपी और एनसीपी में सरकार गठन पर सहमति नहीं बनती है तो पीडीपी अपने चिरप्रतिद्वंद्वी एनसीपी का गठजोड़ बनाने के लिए आगे आए और कांग्रेस भी सरकार में शामिल हो तो आसानी से 55 का जादुई आंकड़ा हासिल किया जा सकता है जो बहुमत से बहुत ज्यादा होगा।
| पीडीपी | एनसी | कांग्रेस | बहुमत |
| 28 | 15 | 12 | 55 |
चौथा विकल्प
अगर विभिन्न दलों के बीच इन विकल्पों पर कोई सहमति नहीं बनती है तो फिर राज्यपाल शासन लागू होगा। इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। भाजपा ने राज्यपाल शासन लगाने की मांग भी की है। इसके बाद चुनाव में जाने का ही विकल्प बचता है।