तमिलनाडु में हिंसा-अागजनी, विधानसभा में जल्लीकट्टू बिल पास
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तमिलनाडु विधानसभा में जल्लीकट्टू को लेकर अध्यादेश सर्वसम्मति से पास हो गया है। इससे पूर्व जल्लीकट्टू को लेकर जारी गतिरोध में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस प्रदर्शन में पांच लोग घायल हो गए हैं।
इससे पूर्व पुलिस ने जल्लीकट्टू के समर्थन में पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन का केंद्र बने मरीना बीच समेत राज्यभर में विभिन्न प्रदर्शन स्थलों से सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को सोमवार को खदेड़ना शुरू कर दिया। कुछ जगहों पर पथराव करने और लाठीचार्ज की भी खबरें हैं।
मरीना बीच पर सोमवार तड़के पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई। बीच की ओर जाने वाली सड़कों की घेराबंदी कर दी गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने समुद्र के किनारे मानव श्रृंखला बना ली और वहां से हटने की पुलिस के आग्रह को मानने से इनकार करते हुए प्रदर्शनकारियों का एक समूह समुद्र में उतर गया।
कुछ अन्य प्रदर्शनकारी वहां धरने पर बैठ गए, जबकि अन्य आसपास के इलाकों में एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पर पथराव भी किया गया। पुलिस ने मरीना बीच के समीप त्रिप्लिकैन में फिर से इकट्ठा हुए और कथित रूप से पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
एक हफ्ते से जारी है प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं। सांड़ों की लड़ाई के इस वार्षिक खेल को आयोजित कराने के लिए शनिवार को एक अध्यादेश लाने के फैसले के बावजूद उनका इस मुद्दे के स्थायी समाधान की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। टीवी फुटेज में खाकी वर्दी पहने पुरुष और महिलाएं मरीना बीच से प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए दिखाई दिए।
कोयंबटूर में पुलिस ने वीओसी पार्क ग्राउंड्स से प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया। वे पिछले छह दिनों से वहां प्रदर्शन कर रहे हैं। मैदान खाली करने की वरिष्ठ अधिकारियों की अपील नकार देने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उठाकर मैदान से बाहर भेजना शुरू कर दिया।
पुलिस ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को स्वेच्छा से मैदान छोड़ दिया। पुलिस ने करीब 300 प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा। पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ युवकों ने मानव श्रृंखला बनाई और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए ‘हल्का’ लाठीचार्ज किया।
केंद्रीय कारागार के समीप जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए स्थायी समाधान की मांग और पुलिस तथा पेटा के खिलाफ नारे लगा रहे करीब 300 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन स्थल को खाली करा लिया गया है और अब यह पुलिस तथा जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। मदुरै में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों के अलंगनल्लूर में पुलिस पर कथित तौर पर पथराव करने की खबरें हैं।
रजनीकांत, कमल हासन ने किया प्रदर्शन समाप्त करने का अनुरोध
उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन से समाज के हर वर्ग को अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को दुखद बताया और विद्यार्थियों से अपना आंदोलन समाप्त करने का अनुरोध किया। कमल हासन ने ट्विटर पर लिखा, ‘ यह एक गलती है। विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण विरोध पर आक्रामक पुलिस कार्रवाई के अच्छे नतीजे नहीं निकलेंगे।’ उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से हिंसा पर उतारू नहीं होने की भी अपील की।
इस बीच, आरजे व अभिनेता बालाजी ने प्रदर्शनकारियों से यह कहते हुए घर जाने का अनुरोध किया कि सरकार खुद अध्यादेश लेकर आई है, जो कि पिछले सप्ताह किए गए शांतिपूर्ण विरोध की सफलता है।
जल्लीकट्टू के समर्थन में तमिल-अमेरिकियों ने निकाली रैली
पोस्टर और बैनर लिए महिलाओं तथा बच्चों सहित तमिल-अमेरिकियों ने जल्लीकट्टू के समर्थन में नारे लगाए और पेटा के खिलाफ अपने गुस्से का प्रदर्शन किया। जानवरों के साथ क्रूरता के आधार पर पशुओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाला संगठन पेटा जल्लीकट्टू का विरोध करने वालों में प्रमुख है।
भैंसा दौड़ का आयोजन कराने के पक्ष में सिद्धरमैया