जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक: जयशंकर ग्रीस व इटली के दौरे पर, सभी पड़ोसियों से सामान्य संबंध चाहता है भारत
भारत के विदेश मंत्री का 18 साल बाद ग्रीस का दौरा हो रहा है। एस. जयशंकर पहले ग्रीस जाएंगे। वहां से वे इटली जाकर जी-20 की मंत्रीस्तरीय बैठक में शामिल होंगे।
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बागची ने कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत सामान्य संबंध रखना चाहता है। यह उस पर निर्भर करता है कि वह अपने अधीन किसी भी क्षेत्र का सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं होने देने के लिए 'विश्वसनीय, पुष्टि करने योग्य और अपरिवर्तनीय' कदम उठाने सहित उपयुक्त माहौल बनाए। बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में संवाददाताओं से कहा कि हम पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसियों के साथ सामान्य संबंध चाहते हैं।
भारत बायोटेक मामले में नजरEAM Dr. S Jaishankar will be leaving tomorrow for a visit to Greece and Italy. In Greece, he would make a bilateral visit on June 25 & 26 for talks with his Greek counterpart apart from other engagements. This is the first EAM level visit in 18 yrs:MEA Spokesperson Arindam Bagchi pic.twitter.com/McfX6x24fI
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 24, 2021
बागची ने कहा कि हम भारत बॉयोटेक के वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से आपात इस्तेमाल की इजाजत से जुड़े घटनाक्रम पर सतत नजर रखे हुए हैं। बता दें, कोवाक्सिन को लेकर डब्ल्यूएचओ को कुछ आपत्तियां हैं। इसलिए इसके वैश्विक इस्तेमाल की मंजूरी को लेकर प्रक्रिया लंबित है।
एससीओ बैठक में प्रोटोकॉल को मंजूरी
ताजिकिस्तान के दुशान्बे में हुई एससीओ की एनएसए स्तरीय बैठक के बारे में बागची ने कहा कि इसमें प्रोटोकॉल दस्तावेज को मंजूरी दी गई है। परंपरा के अनुसार एससीओ का सचिवालय इसे दस्तावेज को सार्वजनिक करेगा। यह संगठन की वेबसाइट पर किसी वक्त जारी हो सकता है। एससीओ की एनएसए बैठक में अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें आतंकवाद, उग्रवाद, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने को लेकर बातचीत हुई।
दूसरे देश भी जल्द देंगे यात्रा की इजाजत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा कि हमारे देश में कोविड की स्थिति सुधर गई है, इसलिए उम्मीद है कि अन्य देश भी जल्द भी भारत से आवाजाही की इजाजत देंगे। इस बारे में कुछ देशों ने कदम उठाए हैं। हम इसे मुद्दे को प्राथमिकता देते रहेंगे।
ईरान के नए राष्ट्रपति को दी बधाई
ईरान के साथ भारत के संबंधों को लेकर बागची ने कहा कि हमने कुछ सकारात्मक भावनाएं देखी हैं। हम देखेंगे कि कैसे इनमें प्रगति होती है। हमारे नेतृत्व की ओर से ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को बधाई संदेश भेजे गए हैं।
जम्मू कश्मीर आंतरिक मामला
यह पूछे जाने पर कि ऐसी खबरें आईं, जिनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर मुद्दा सुलझने पर परमाणु प्रतिरोध की जरूरत नहीं होने की बात कही है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक जम्मू कश्मीर का सवाल है, यह भारत का आंतरिक मामला है। अफगानिस्तान में भारत की भूमिका पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की टिप्पणी के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमने मीडिया में ऐसी खबरें देखी हैं। हमारा मानना है कि अफगानिस्तान के लोगों को अपने सहयोगी और उसके आकार के बारे में निर्णय करना है। भारत ने अफगानिस्तान में बिजली, बांध, स्कूल, सामुदायिक परियोजनाएं आदि बनाने का काम किया है । बागची ने कहा कि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान में क्या लाया है।