Politics: जयराम रमेश का दावा- नीतीश के जाने के बाद भी 'INDI' गठबंधन बरकरार; पीएम मोदी पर भी लगाए गंभीर आरोप
इंटरव्यू के दौरान जयराम रमेश ने चुनावी बॉन्ड,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले झामुमो नेता हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी सहित कई मुद्दों पर बात की। इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अमेठी से और रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी बात की।
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पूरा देश इन दिनों राजनीति और क्रिकेट के खुमार में डूबा है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने चुनावी बांड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार वाली पिच 'खोखली' है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अपनी बात से पलट जाने और ममता बनर्जी के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले के बाद भी इंडी गठबंधन बरकरार है। एक इंटरव्यू के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने यह दावे किए। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि विपक्ष आगामी लोकसभा चुनावों में 272 से ज्यादा सीटे लाकर भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगा।
इंटरव्यू के दौरान जयराम रमेश ने चुनावी बॉन्ड,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले झामुमो नेता हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी सहित कई मुद्दों पर बात की। इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अमेठी से और रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी बात की।
चुनावी बॉन्ड को लेकर लगाए आरोप
इस दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनावी बॉन्ड को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंनों कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना के काम करने के तरीके को देखें। 4,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड सीधे तौर पर 4 लाख करोड़ रुपये के अनुबंधों से जुड़े हुए हैं। चुनावी बॉन्ड और अनुबंध देने के बीच एक स्पष्ट संबंध है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि भाजपा के पक्ष में कई कंपनियों द्वारा खरीदे गए 4,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड सीधे तौर पर ठेके देने और उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा शुरू की गई कार्रवाई से जुड़े हैं। ऐसे में यह कहना कि प्रधानमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना और हेमंत सोरेन और केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई का उदाहरण देना कि वे भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं, ये बेकार का तर्क है। चुनावी बॉन्ड दिखाता है कि वे बदले की भावना के तहत काम करते हैं।
विपक्षी एकता पर भी बोले जयराम रमेश
आगे उन्होंने विपक्षी एकता पर भी बात की। जयराम रमेश ने कहा कि19 दिसंबर तक सभी 28 पार्टियां एक साथ थीं, लेकिन नीतीश कुमार ने उलटफेर किया। भले ही नीतीश कुमार विपक्षी इंडी गुट का हिस्सा नहीं हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि विपक्ष ध्वस्त हो गया है। विपक्ष निश्चित तौर पर इस बार बहुमत का आंकड़ा पार कर जाएगा। आगे जब उनसे पूछा गया कि क्या विपक्षी एकता का बुलबुला फूट गया है तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। आम आदमी पार्टी,एनसीपी, शिवसेना, डीएमके और जेएमएम के साथ गठबंधन बरकरार है। पश्चिम बंगाल में सीपीएम और सीपीआई के साथ हमारे गठबंधन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। असम में हमारा 11 पार्टियों का गठबंधन है और समाजवादी पार्टी के साथ भी हमारा गठबंधन है। ममता बनर्जी भले ही हमारे साथ सीट साझा नहीं कर रही हैं, लेकिन वह इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं।
इस दौरान जब उनसे केजरीवाल की गिरफ्तारी का विपक्ष पर प्रभाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी चुनावी बॉन्ड से 'चंदा दो, धंधा लो' का फंडा साफ होता जा रहा है। पीएम भले ही हेमंत सोरेन और केजरीवाल मामले का इस्तेमाल यह कहने के लिए करेंगे कि वह सिस्टम को साफ कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने सिस्टम को साफ नहीं किया है। आगे कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को भी चुनावी बांड के जरिए करोड़ों रुपये का चंदा मिलने पर उन्होंने कहा कि उनके पास केंद्रीय जांच एजेंसियां नहीं हैं और वे कंपनियों को केंद्रीय अनुबंध नहीं दे सकते।
उन्होंने कहा कि हमारे पास सबूत हैं जो दिखाते हैं कि चुनावी बॉन्ड से जुड़े आंकड़ों में 30 ऐसी कंपनियां हैं जिनके खिलाफ ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया गया। बाद में इन्हीं 30 कंपनियों के माध्यम से 330 करोड़ रुपये का दान आया।