फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   it impose Ban on pornographic material in regional language

क्षेत्रीय भाषा में प्रसारित ‘अश्लील सामग्री’ पर लगेगी पाबंदी, IT राज्यों के साथ मिलकर उठाएगी कदम

Thu, 12 Apr 2018 01:49 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली Updated Thu, 12 Apr 2018 01:49 AM IST
विज्ञापन
it impose Ban on pornographic material in regional language
अश्लील सामग्री - फोटो : FILE PHOTO
इंटरनेट पर क्षेत्रीय भाषा की आपत्तिजनक सामग्री के बढ़ रहे प्रसार पर केंद्र सरकार रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इन भाषाओं में अश्लील वीडियो, चित्र, ग्राफिक्स संदेश समेत अन्य सामग्री पर इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (आईटी) राज्य सरकारों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर शिकंजा कसेगा। 
विज्ञापन


मंत्रालय के अनुसार अश्लील वेबसाइटों को बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कई स्तरों पर कदम उठाए गए। इस दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, जिनमें पाबंदी के बाद नाम बदल कर सामग्री परोसना प्रमुख हैं। तकनीक के जरिये अश्लील वेबसाइट अपना पता, सर्वर और कुछ शब्दों को बदल कर फिर जारी हो जाती हैं। 
विज्ञापन


देश में क्षेत्रीय भाषाओं में आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है, जिसमें इंटरनेट सेवा प्रदाता भी सहयोग प्रदान करेंगे। मंत्रालय का कहना है कि कई देशों में ऐसी सामग्री के प्रसारण पर पाबंदी नहीं है, जिसके चलते अश्लील वेबसाइट को बंद करना ही एकमात्र उपाय है। देश में क्षेत्रीय भाषाओं में इस तरह की सामग्री प्रसारित करने के खिलाफ कानूनी कदम उठाने के लिए राज्यों को भी सचेत किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्रालय ने हालांकि यह साफ भी किया है कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर तंत्र से प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करके बचा जा सकता है। फिल्टरों के लिए एंक्रिप्शन (कूटलेखन) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को तीन स्तरों पर रोका जा रहा है। इसमें आपत्तिजनक सामग्री को मिटाने, फिल्टर लगाने और दूसरे देशों की एजेंसियों को सूचित कर देश में प्रसार रोकने के लिए कदम उठाया जाता है। 


सौ फीसद नहीं हटा सकते अश्लील सामग्री
मंत्रालय का कहना है कि अश्लील सामग्री को 100 फीसदी हटाने के लिए इंटरनेट पर प्रसारित सभी सामग्री की परख करने की जरूरत होती है। ऐसा किए जाने पर संविधान में अनुच्छेद 19 और 21 में नागरिकों को मिले अधिकार का उल्लंघन होगा। साथ ही इंटरनेट भी काफी धीमा हो जाएगा। इससे लैपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले करीब 50 करोड़ उपभोक्ताओं को परेशानी होगी और इससे भी बड़ी तादाद में मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल बाधित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed