फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISRO will launch cartosat-3 satellite from Satish Dhawan Space Centre on 27th November

कार्टोसैट-3 सैटेलाइट की परीक्षण के लिए उल्टी गिनती शुरू, पाक पर रखेगा बाज की नजर

Tue, 26 Nov 2019 02:56 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 26 Nov 2019 02:56 PM IST
विज्ञापन
ISRO will launch cartosat-3 satellite from Satish Dhawan Space Centre on 27th November
पीएसएलवी-सी47 के जरिए लॉन्च होगी कार्टोसैट सैटेलाइट (फाइल फोटो) - फोटो : ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 27 नवंबर को सुबह 9.28 मिनट पर यानी 26 घंटे बाद कार्टोसैट-3 सैटेलाइट को लॉन्च करेगा। इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी47 के जरिए लॉन्च किया जाएगा। पहले इसे 25 नवंबर को लॉन्च करने के लिए शेड्यूल किया गया था। लेकिन, अज्ञात कारणों से इसरो ने इसकी लॉन्चिंग की तारीख को बदल दिया। इसके साथ 13 अमेरिकी सैटेलाइट भी होंगे। 

विज्ञापन

 

इसरो के अनुसार 13 अमेरिकी नैनोसैटेलाइट लॉन्च करने की डील पर पहले ही हाल ही में बनाई गई व्यवसायिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने की थी। कार्टोसैट-3 को 509 किलोमीटर ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




स्पेसफ्लाइट के अनुसार इसरो दो और सर्विलांस सैटेलाइट- रीसैट-2बीआर1 और रीसैट-2बीआर2 को पीएसएलवीसी48 और सी49 रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा से दिसंबर में लॉन्च किया जाएगा। इसरो ने 22 मई को सर्विलांस सैटेलाइट रीसैट-2बी और एक अप्रैल को एमिसैट (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटेलाइट) को लॉन्च किया था।

एमिसैट डीआरडीओ की दुश्मनों के रडार पर नजर रखने में मदद करता है। इस ऑपरेशनल सैटेलाइट को लॉन्च करने में छह महीने की देरी चंद्रयान-2 की वजह से हुई। सूत्रों के अनुसार, इस सैटेलाइट का प्रयोग खुफिया जानकारी जुटाने और सीमा पर चौकसी बनाने के लिए किया जाएगा।


कहा जाता है कि पाकिस्तान में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के लिए कार्टोसैट-1 और 2 उपग्रहों से खुफिया जानकारी जुटाई गई थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। कार्टोसैट उपग्रह से किसी भी मौसम में धरती की तस्वीरें ली जा सकती हैं। इसके जरिए आसमान से दिन और रात दोनों समय जमीन से एक फीट की ऊंचाई तक की साफ तस्वीरें ली जा सकती हैं।

कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है। जबकि अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ही ले सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed