{"_id":"6798865215182c66e50d9620","slug":"isro-ready-to-launch-its-100th-mission-countdown-for-gslv-f15-rocket-launch-begins-2025-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"ISRO: अपना 100वां मिशन लॉन्च करने के लिए इसरो तैयार, जीएसएलवी-एफ 15 रॉकेट प्रक्षेपण का काउंटडाउन शुरू","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ISRO: अपना 100वां मिशन लॉन्च करने के लिए इसरो तैयार, जीएसएलवी-एफ 15 रॉकेट प्रक्षेपण का काउंटडाउन शुरू
Tue, 28 Jan 2025 12:55 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री हरिकोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री हरिकोटा
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:55 PM IST
सार
स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज वाले रॉकेट को 29 जनवरी को सुबह 6.23 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। 27 घंटे का काउंटडाउन पूरा करने के बाद रॉकेट सैटेलाइट को लेकर रवाना होगा। इसके साथ ही यह इसरो के नए अध्यक्ष वी नारायणन का पहला मिशन होगा।
विज्ञापन
जीएसएलवी एफ 15 रॉकेट।
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इसरो के 100वें मिशन जीएसएलवी-एफ 15 रॉकेट के साथ सैटेलाइट एनवीएस-02 को लॉन्च करने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। स्वदेशी क्रायोजेनिक स्टेज वाले रॉकेट को 29 जनवरी को सुबह 6.23 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। 27 घंटे का काउंटडाउन पूरा करने के बाद रॉकेट सैटेलाइट को लेकर रवाना होगा। इसके साथ ही यह इसरो के नए अध्यक्ष वी नारायणन का पहला मिशन होगा।
विज्ञापन
इसरो ने बताया कि जीएसएलवी-एफ15, एनवीएस-02 सैटेलाइट को भू-स्थिर स्थानांतरण कक्षा में स्थापित करेगा। इसकी 27.30 घंटे की उल्टी गिनती मंगलवार सुबह 02.53 बजे शुरू हुई। इसरो के अनुसार, NavIC (नेविगेशन विद इंडियन कंस्टीलेशन) भारत का स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है। इसका उद्देश्य भारत और भारतीय जमीन से 1,500 किमी तक फैले क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को सटीक पोजीशन, वेलोसिटी और टाइमिंग सेवाएं प्रदान करना है।
विज्ञापन
इसरो ने बताया कि यूआर सैटेलाइट सेंटर द्वारा डिजाइन और विकसित एनवीएस-02 उपग्रह का वजन लगभग 2250 किलोग्राम है। इसमें एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड के साथ-साथ सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी लगाया गया है, जैसा कि इसकी पहली पीढ़ी की सैटेलाइट एनवीएस-01 में था।
विज्ञापन
एनवीएस सीरीज का दूसरा सैटेलाइट है एनवीएस-02
बता दें कि, एनवीएस-01, जो दूसरी पीढ़ी का पहला सैटेलाइट था, 29 मई 2023 को जीएसएलवी-एफ12 के जरिए लॉन्च किया गया था। जबकि, एनवीएस-02, एनवीएस सीरीज का दूसरा सैटेलाइट है। इसमें एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड के साथ-साथ सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी लगाया गया है, जैसा कि इसकी पहली पीढ़ी की सैटेलाइट एनवीएस-01 में था।
एनवीएस-01/02/03/04/05 को नेविगेशन सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए बेस लेयर कंस्टीलेशन को और मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसरो ने कहा कि उपग्रह का उपयोग स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, सटीक कृषि, मोबाइल उपकरणों में लोकेशन आधारित सेवाएं, उपग्रहों के लिए कक्षा निर्धारण, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (IoT) आधारित अनुप्रयोग, आपातकालीन और समय सेवाएं प्रदान करना है।