ईरान ने पकड़ा ब्रिटिश झंडे वाला जहाज, मौजूद भारतीयों की रिहाई के लिए संपर्क में भारत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने शनिवार को कहा कि वह हरमुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा ब्रिटिश झंडे वाले तेल टैंकर को पकड़े जाने के बाद उसमें सवार भारतीयों की सुरक्षित रिहाई और उन्हें स्वदेश भेजने के लिए ईरान के संपर्क में है। ईरान की आधिकारिक समाचार समिति इरना ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि ईरान की मछली पकड़ने वाली नौका से कथित तौर पर टकराने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन करने के लिए ब्रिटेन का झंडा लगे तेल टैंकर को पकड़ा गया है। नई दिल्ली में सूत्रों ने बताया कि तेल टैंकर ‘स्टेना इंपेरो’ में सवार लोगों में 18 भारतीय नागरिक हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ईरानी अधिकारियों द्वारा तेल टैंकर ‘स्टेना इंपेरो’ पर सवार भारतीय चालक दल को हिरासत में लिए जाने संबंधी सवाल के जवाब में कहा, 'हम इस मामले में और विवरण ले रहे हैं। हमारा मिशन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित रिहाई और उनकी वतन वापसी के लिए ईरान सरकार के संपर्क में है।'
‘स्टेना इंपेरो’ को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शुक्रवार को जब्त किया था। आईआरएनए ने ईरान के हरमुजगान प्रांत के बंदरगाह एवं समुद्री मामलों के महानिदेशक अल्लाह मुराद अफीफीपुर के हवाले से बताया, 'स्टेना इंपेरो में 18 भारतीय और रूस, फिलीपीन, लातिविया और अन्य देशों के चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। इसका कैप्टन भारतीय है लेकिन टैंकर पर ब्रिटेन का झंडा लगा हुआ है।’
टैंकर का स्वामित्व रखने वाली स्वीडन की कंपनी ‘स्टेना बल्क’ ने कहा कि वे हरमुज जलडमरूमध्य में जब्त किए गए जहाज से संपर्क करने में असमर्थ हैं। स्टेना बल्क के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी एरिक हनेल ने कहा, पोत में भारत, रूस, लातिविया और फिलीपीन की नागरिकता वाले कुल 23 नाविक सवार हैं। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और चालक दल की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकता है।’