{"_id":"5fec8402dfdd8a3a5a7c1df4","slug":"ips-officers-vacancies-still-vacant-in-capf-forces-281-posts-remain-vacant-again","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस साल भी नहीं खत्म हो सका 'आईपीएस' का डर, सीएपीएफ में फिर खाली रह गए 281 पद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इस साल भी नहीं खत्म हो सका 'आईपीएस' का डर, सीएपीएफ में फिर खाली रह गए 281 पद
Wed, 30 Dec 2020 08:42 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 30 Dec 2020 08:42 PM IST
विज्ञापन
IPS Officer Cap
- फोटो : Amar Ujala (File)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय पुलिस संगठन/केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कुछ ऐसे पद भी रहे हैं, जो साल के आखिर तक आईपीएस की पसंद नहीं बन सके। खासतौर से केंद्रीय सुरक्षा बलों में डीआईजी का पद तो ऐसा रहा, जिसे लेकर आईपीएस का भय अभी तक दूर नहीं हो सका। नतीजा, साल खत्म होने को है, मगर सीएपीएफ में आईपीएस के लिए रिजर्व 281 पद खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
सात दिसंबर 2020 की सूची के मुताबिक, आईपीएस-डीजी के 13 में से चार पद रिक्त बताए गए हैं। इसी तरह आईपीएस स्पेशल डीजी के दस में से दो पद रिक्त हैं। एडीजी के सभी 28 पद भर चुके हैं, लेकिन आईजी के 140 में से 30 पद खाली रह गए। आईपीएस डीआईजी के लिए सर्वाधिक 251 पद रिजर्व हैं, इनमें से 158 पद नहीं भर सके। ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार ने प्रयास नहीं किया, मगर इस पद पर अधिकांश आईपीएस आने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद केंद्र में एसपी के 203 पद हैं, जिनमें से 87 पद खाली हैं।
विज्ञापन
सीएपीएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद कहते हैं कि जहां पर आईपीएस को मन माफिक या मेट्रो सिटी की पोस्टिंग नहीं मिलती तो वे ऐसे पद पर नहीं आना चाहते। सीएपीएफ में डीआईजी को ज्यादातर फील्ड पोस्टिंग मिलती है। इसी वजह से ज्यादातर पद खाली पड़े रहते हैं।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी बताते हैं कि इस साल आईपीएस के लिए रिजर्व सभी पदों को भरने के लिए बहुत प्रयास किए गए हैं। हालांकि पहले भी इन पदों के खाली रहने का अनुपात ऐसा ही रहा है, मगर इस दफा कुछ सुधार देखने को मिला है। यह अलग बात है कि डीआईजी की फील्ड पोस्टिंग का भय बहुत से आईपीएस अपने दिमाग से नहीं निकाल पा रहे हैं। आईपीएस एसपी के लिए रिजर्व ज्यादातर पदों को भरने में कामयाबी मिली है। सीआईएसएफ में महानिदेशक (डीजी) का पद खाली है।
एसएसबी के डीजी कुमार राजेश चंद्रा को सीआईएसएफ डीजी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। बीपीआरएंडडी के पास भी अपना डीजी नहीं है। एनएचआरसी में भी डीजी का पद खाली है। इसके अलावा एनएसजी को भी स्थायी डीजी नहीं मिल सका। सीआरपीएफ और सीबीआई में स्पेशल डीजी का एक-एक पद खाली है।
आईपीएस आईजी के लिए रिजर्व पद भी खाली पड़े हैं। बीएसएफ में आईपीएस आईजी के 22 पदों में से 8 खाली हैं। सीबीआई में 16 पद हैं, मगर अभी तक 11 ही भरे जा सके हैं। सीआरपीएफ में पांच पद रिक्त हैं। आईबी में चार, आईटीबीपी में दस में से सात पद खाली हैं। एनएसजी में एक पद खाली है। यहां आईपीएस के लिए रिजर्व पदों की संख्या दो है।
डीआईजी के पद की बात करें तो तकरीबन सभी बलों में आईपीएस के अनेक पद खाली पड़े हैं। बीपीआरएंडडी में आईपीएस डीआईजी के 12 पदों में तीन पद खाली हैं। यहां बता दें कि यह पद तभी भरे जा सके हैं, जब सात पदों पर सीएपीएफ के अधिकारियों की तैनाती की गई है। भारत पाकिस्तान और भारत बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा कर रही बीएसएफ में आईपीएस डीआईजी के 26 पद हैं। अभी तक इनमें से केवल चार पद भरे जा सके हैं और 22 पद खाली हैं।
सीबीआई में 34 में से 21 पद खाली हैं। सीआईएसएफ में बीस में से 17 पद रिक्त हैं। सीआरपीएफ में आईपीएस डीआईजी के 38 पद रिजर्व हैं। मौजूदा समय में 22 पद रिक्त पड़े हैं। यह संख्या भी तब आगे बढ़ी है, जब 15 पद कैडर अधिकारियों को अस्थायी तौर से दे दिए गए हैं। आईटीबीपी में दस में से सात पद खाली हैं। एनपीए में आईपीएस डीआईजी के पांच पदों में से चार खाली पड़े हैं। एसएसबी में तो आईपीएस अधिकारी आना ही नहीं चाहते। यहां इनके 25 पद हैं, मगर अभी तक 23 खाली हैं।