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धर्मांतरण: बाल कल्याण मंत्रालय का दुभाषिया गिरफ्तार, निशाने पर हैं और भी कर्मचारी

Wed, 30 Jun 2021 08:04 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 30 Jun 2021 08:04 PM IST
सार

अभी कई गिरफ्तारियां और भी होंगी। एटीएस करेगी पूछताछ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा कर चुका है और उनका भाषण भी समझा चुका है गिरफ्तार शख्स।

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Interpreter of Child Welfare Ministry arrested for conversion, some other employees are also on target of ATS
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) ने धर्मांतरण के आरोप में मंगलवार को बाल कल्याण मंत्रालय के एक इंटरप्रिटर (दुभाषिया) को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस के निशाने पर मंत्रालय के कुछ और कर्मचारी भी आ गए हैं जो इस विधा के 'मास्टर' हैं। गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम इरफान शेख है। एटीएस ने उसे महाराष्ट्र के बीड से गिरफ्तार किया है। 

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खास बात यह है कि इरफान ने 2017 और 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच भी साझा किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि पीएम के साथ मंच साझा करने वाला यह शख्स धर्मांतरण में लिप्त रहा और इसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लगी ही नहीं। सूत्रों की मानें तो जल्द ही केंद्रीय बाल कल्याण मंत्रालय के अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।    

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मूक-बाधिर लोगों को समझाता था प्रधानमंत्री का भाषण
इरफान ख्वाजा ने पहली बार राजकोट में प्रधानमंत्री के साथ 29 जून 2017 को मंच साझा किया था। वहीं दूसरी बार 29 फरवरी 2020 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए कार्यक्रम में भी वह प्रधानमंत्री के साथ मंच पर था। ये दोनों ही मौके ऐसे थे जब इरफान ने प्रधानमंत्री के भाषण का मूक-बाधिर लोगों के लिए अनुवाद किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इरफान से हाथ भी मिलाया था और पीठ थपथपा कर उसके काम की प्रशंसा भी की थी। 

लेकिन, एक ऐसा शख्स पीएम के इतने करीब तक कैसे पंहुचा, इसको लेकर राजनीतिक गर्माहट भी तेज हो गई है। एटीएस आईजी जीके गोस्वामी का कहना है कि इरफान बाल कल्याण मंत्रालय में में जिम्मेदार पद पर नियुक्त था। हो सकता है वह किसी कार्यक्रम में पीएम के साथ शामिल हुआ हो। हमारी जांच में यह सामने आया है कि वह धर्मांतरण के मामले में शामिल था। उसकी भूमिका अहम है। इस मामले में अभी और भी जांच चल रही है।

मूक-बधिर बच्चों को बहलाकर करवाता था धर्मांतरण

एटीएस का दावा है कि इरफान धर्मांतण के लिए मूक-बधिर बच्चों को ही टारगेट करता था। इसके लिए वह हिंदू और दूसरे धर्म के बच्चों की रेकी करता था। इसके साथ ही वह बच्चों को दूसरे धर्म की बुराइयां बताकर उन्हें धर्मांतरण के लिए तैयार करता था। एटीएस के अनुसार इरफान शेख बच्चों की सूची धर्मांतरण कराने वाले मौलाना उमर गौतम और जहांगीर आलम को उपलब्ध कराता था।

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इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी होनी तय

एटीएस सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले कुछ और गिरफ्तारियां होनी है। खासकर ऐसे लोग उनके निशाने पर हैं जो मूक-बधिर लोगों को अपनी बात समझाने में माहिर हैं। सूत्र बता रहे हैं कि जल्द इस मामले में अन्य राज्यों में भी गिरफ्तारियां होंगी।


ये भी पढ़ें: खुलासा: प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा कर चुका है धर्मांतरण का आरोपी इरफान शेख, पीएम ने थपथपाई थी पीठ

 

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