Interpol Silver Notice: इंटरपोल का पहला सिल्वर नोटिस जारी, सीमा पार धनशोधन का पता लगाने में करेगा मदद
Interpol Silver Notice: इंटरपोल ने पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में पहली बार सिल्वर नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इटली के अनुरोध पर जारी किया गया है। इस नोटिस के तहत सीमा पार धनशोधन की जानकारी का पता लगाने में मदद मिलेगी।
विस्तार
इंटरपोल ने पहली बार सिल्वर नोटिस जारी किया। यह सीमा पार धनशोधन का पता लगाने में मदद करेगा। यह एक पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें भारत भी शामिल है। इंटरपोल समय-समय अलग-अलग रंगों के नोटिस जारी करता है। वैश्विक निकाय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक बयान में इंटरपोल ने कहा कि इटली के अनुरोध पर पहला सिल्वर नोटिस जारी किया गया। इटली ने एक माफिया की संपत्तियों की जानकारी मांगी है। इंटरपोल ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट में कुल 52 देश शामिल हैं, जिसमें भारत भी शामिल है।
सिल्वर नोटिस क्या है?
पहले इंटरपोल के आठ रंगों के नोटिस होते थे। अब सिल्वर के जुड़ने से यह संख्या नौ हो गई है। इन नोटिस का उपयोग दुनियाभर में किसी खास जानकारी को हासिल करने के लिए किया जाता है। रेड नोटिस का उपयोग किसी भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार करने के लिए किया जाता है। सिल्वर नोटिस का उपयोग उन अपराधियों की संपत्तियों का पता लगाने के लिए किया जाएगा, जिन्होंने अपने अवैध धन को टैक्स हैवन या अन्य देशों में स्थानांतरित किया है। टैक्स हैवन का आशय ऐसे देशों से है, जो विदेशी नागरिकों को कर में छूट देते हैं, ताकि उनके देश में पैसा लगाने पर कोई कर न लगे।
जारी किए जा सकते हैं 500 नोटिस
इंटरपोल ने कहा, 'सिल्वर नोटिस इस बात को सुनिश्चित करेगा कि जो लोग काले धन को छिपाकर खुद को सुरक्षित समझते थे, अब उनका पता लगाया जा सकेगा।' भारत में कम से कम दस भगोड़े आर्थिक अपराधी हैं, जिनकी संपत्तियों का कोई अनुमान नहीं है। इस पालयट प्रोजेक्ट के तहत 500 नोटिस जारी किए जा सकते हैं। यह नोटिस भागीदार देशों में समान रूप से जारी किए जाएंगे। यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी और केवल संबंधित देशों को ही इसे प्राप्त करने का अधिकार होगा।
INTERPOL has published its first-ever Silver Notice to help trace and recover criminal assets, combat transnational organized crime and enhance international police cooperation.
— INTERPOL (@INTERPOL_HQ) January 10, 2025
➡️🔗https://t.co/E8Ax3P4VZE pic.twitter.com/61aOE0jH68
सिल्वर नोटिस में क्या-क्या शामिल है
इंटरपोल ने कहा, सिल्वर नोटिस के तहत देशों को एक व्यक्ति के आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी संपत्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसमें धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, पर्यावरण अपराध और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। यह नोटिस संपत्तियों, वाहनों, वित्तीय खातों और कारोबार से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा।
सिल्वर नोटिस की अन्य विशेषताएं-
- यह नोटिस अवैध संपत्तियों का पता लगाने, पहचानने और प्राप्त करने में मदद करेगा।
- यह देशों की संपत्तियों की जब्ती, संपत्ति की जब्ती या वसूली के लिए द्विपक्षीय सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा।
- इंटरपोल का सचिवालय हर सिल्वर नोटिस की समीक्षा करेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो कि ये नोटिस राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल तो नहीं हो रहे हैं।
इंटरपोल महासचिव ने क्या कहा
इंटरपोल के महासचिव वैल्डेसी उरक्किजा ने कहा कि अपराधियों और उनके नेटवर्स से अवैध अवैध लाभ को छीनना, अपराध से लड़ने के सबसे ताकतवर तरीकों में से एक है। इस बात पर गौर किया जाना चाहिए कि 99 फीसदी अपराधियों की संपत्तियां अब तक वसूल नहीं की जा सकी हैं।
इंटरपोल के अन्य नोटिस कौन से हैं-
रेड नोटिस: किसी भगोड़े अपराधी को पकड़ने के लिए।
येलो नोटिस: लापता व्यक्तियों या जिनकी पहचान नहीं हो पा रही हो, उन्हें खोजने के लिए।
ब्लू नोटिस: एक व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त जानकारी हासिल करने के लिए।
ब्लैक नोटिस: बिना पहचान वाले शवों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए।
ग्रीन नोटिस: किसी व्यक्ति आपराधिक गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए।
ऑरेंज नोटिस: किसी गंभीर और तत्काल खतरे के बारे में चेतावनी देने के लिए।
पर्पल नोटिस: अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों या उपकरणों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) विशेष नोटिस: यूएनएससी की प्रतिबंध समीतियों द्वारा लक्षित व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए।