उलमा बोले- शरीयत में दखल बर्दाश्त नहीं, सरकार के खिलाफ करेंगे आंदोलोन
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तीन तलाक और सिविल कोड के मसले को लेकर उलमा ने तेवर कड़े कर लिए। उन्होंने कहा कि शरई कानून में किसी तरह की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए 5 नवंबर को बड़ा जलसा होगा।
तीन तलाक और सिविल कोड के मसले को लेकर शान होटल में जलसा मुनक्किद किया गया। उसमें जिले भर के उलमा, दानिश्वर, मस्जिदों के इमाम और दरगाहों के सज्जादानीश शामिल हुए। जलसे का आगाज कारी फईम ने कुरान की तिलावत से किया। हाफिज मोहम्मद अनस ने नात पाक पढ़ी। इसके बाद तीन तलाक का मुद्दा उठाया।
मुफ्ती शहर मौलाना महबूब अली ने कहा कि शरई कानून में किसी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुसलमानों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होने एलान किया कि 5 नवंबर को रजा इंटर कालेज के मैदान में जलसा होगा। उन्होंने जलसे को कामयाब बनाने की अपील की।
दारुल कजा बनाया जाएगा
जमात-ए- इस्लामी के सदर मो. अब्दुल खालिक नदवी ने कहा कि भाजपा 2014 से मुसलमानों को परेशान कर रही है। जल्द ही रामपुर में दारुल कजा बनाया जाएगा। आल इंडिया मुस्लिम रिजर्वेशन फ्रंट के सदर अधिवक्ता शौकत अली खां ने कहा कि मुसलमान किसी भी हुकुमत के गुलाम नहीं हैं।
तीन तलाक जायज है। इसे लेकर मुसलमानों को परेशान न किया जाए। मौलाना असलम जावेद कासमी, सज्जादानशीन शाह फरहत खां जमाली, मुफ्ती फराज, मुफ्ती साजिद, मुफ्ती कुरबान अली, मुफ्ती मकसूद, मौलाना मुकीब नदवी ने जलसे को खिताब किया।