फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indus water talks between India, Pakistan enter final day on positive note

Indus Commission: भारत-पाक सिंधु जल आयोग की बैठक जारी, चर्चा में दोनों पक्षों का सकारात्मक रुख

Tue, 31 May 2022 01:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 31 May 2022 01:04 PM IST
सार

यह बैठक 1960 में हुई सिंधु जल संधि (IWT) के तहत हर साल होती है। सोमवार से शुरू हुई इस साल की वार्ता में भाग लेने पाकिस्तान से एक महिला अधिकारी समेत छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल दिल्ली आया है।  
 

विज्ञापन
Indus water talks between India, Pakistan enter final day on positive note
सिंधु नदी - फोटो : Social media

विस्तार

भारत और पाकिस्तान के स्थायी सिंधु आयोग की दो दिनी सालाना बैठक मंगलवार को अंतिम दौर में पहुंच गई। दोनों पक्षों ने इसमें सकारात्मक रुख दिखाया है। आयोग की यह 118 वीं बैठक है। 

विज्ञापन

यह बैठक 1960 में हुई सिंधु जल संधि (IWT) के तहत हर साल होती है। सोमवार से शुरू हुई इस साल की वार्ता में भाग लेने पाकिस्तान से एक महिला अधिकारी समेत छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल दिल्ली आया है।  दोनों देश इस वार्ता को अनिवार्य मानते हैं, इसलिए मौजूदा गतिरोध के बावजूद यह ठप होने से बच गई। बैठक में भाग लेने आए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में सैयद मोहम्मद, मेहर अली शाह, साहिबजाद खान, हबीब उल्लाह बोदला, समन मुनीब और खालिद महमूद शामिल हैं। वहीं, भारत के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत के नए सिंधु आयुक्त एके पाल कर रहे हैं। 

विज्ञापन


इस्लामाबाद में मार्च में हुई थी पिछली बैठक
यह बैठक इस्लामाबाद में हुई पिछली बैठक के तीन महीने के भीतर हो रही है। स्थायी सिंधु आयोग (PIC) की 117 वीं बैठक 1 से 3 मार्च तक इस्लामाबाद में हुई थी। इसमें भारतीय टीम का नेतृत्व भारत के तत्कालीन सिंधु आयुक्त पीके सक्सेना ने किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन


छह नदियों के पानी के बंटवारे पर होती है चर्चा
सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) 1960 के प्रावधानों के अनुसार-सिंधु घाटी क्षेत्र की छह नदियों के पानी के बंटवारे पर इस बैठक में विचार होता है। दोनों देशों में इस वार्ता के लिए सिंधु जल आयुक्त और स्थायी सिंधु आयोग है। आयोग की हर साल कम से कम एक बार बैठक होती है। यह बारी-बारी से भारत और पाकिस्तान में आयोजित की जाती है। सिंधु घाटी क्षेत्र की छह नदियों में भारत का तीन पूर्वी नदियां - सतलुज, ब्यास और रावी पर पूर्ण अधिकार है, जबकि पश्चिमी नदियों- चिनाब, झेलम और सिंधु पर पाकिस्तान का अधिकार है। पिछले साल 23-24 मार्च को दिल्ली में हुई बैठक में जल विज्ञान और बाढ़ के आंकड़ों के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई थी। पिछली बैठक में भारत और पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को उसकी वास्तविक भावना से लागू करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। 


बैठक का मतलब कूटनीतिक वार्ता की बहाली नहीं

दोनों देश सिंधु वार्ता को कूटनीतिक वार्ता की बहाली की दिशा में कदम नहीं मानते हैं। भारत व पाकिस्तान के बीच अंतिम बार दिसंबर 2015 में राजनयिक वार्ता हुई थी। उसके बाद से कूटनीतिक रिश्ते ठप हैं। पठानकोट व उरी हमलों व भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तो इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed