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दौड़ने लगी मोदी की अपील, स्वदेशी कंपनियों को एन-95 मास्क बनाने के लिए मिली नियमों में ढील

Fri, 15 May 2020 09:20 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 15 May 2020 09:20 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रोडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को तवज्जो दें। 

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Indigenous companies got relaxations in rules to make N95 Mask
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रोडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को तव्वजो दें। 

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केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने सबसे पहले इस अपील पर काम करना शुरु कर दिया है। शुक्रवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) भी इस कड़ी में शामिल हो गया है। बीआईएस ने स्वदेशी कंपनियों को एन-95 मास्क बनाने के लिए कुछ नियमों में ढील दे दी है।
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एन-95 मास्क बनाने वाली स्वदेशी कंपनियों के लिए अब इन हाउस टेस्टिंग की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। कोई भी स्वदेशी कंपनी जो इस मास्क को तैयार करेगी, वह बीआईएस की किसी भी लैब में जाकर अपने प्रोडेक्ट की जांच करा सकती है। साथ ही किसी दूसरे ऐसे निर्माता या संस्था, जिसके पास बीआईएस जांच का लाइसेंस है, वहां पर भी अपने उत्पाद की टेस्टिंग कराई जा सकती है।
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कोरोना संक्रमण के दौरान देश में एन-95 मास्क की भारी मांग रही है। खासतौर पर मेडिकल स्टाफ और कोरोना की लड़ाई में जुटी दूसरी एजेंसियों के लोग इस मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि स्वदेशी की राह भारत के लिए विश्व का नेतृत्व करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। एक संकल्प, एक लक्ष्य और आत्मनिर्भर भारत, अब सब लोग इस मुहिम पर काम करेंगे।

बीआईएस के अनुसार, एन-95 मास्क बनाने वाली कंपनियों को कई शर्तें पूरी करने के बाद लाइसेंस मिलता है। इन नियमों में इन हाउस टेस्टिंग प्रक्रिया बहुत अहम होती है। इसके तहत बीआईएस की टीम इंडस्ट्री में जाकर इस मास्क की बनावट देखती है। यह मास्क तैयार करने के लिए किस तरह का रॉ मेटिरियल इस्तेमाल किया गया है, यह सब देखा जाता है। उसके बाद मास्क की लैब टेस्टिंग होती है।

अब स्वदेशी की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए इन हाउस टेस्टिंग की छूट दी गई है। एन-95 मास्क बनाने की इच्छुक कंपनियां किसी भी बीआईएस लैब में जाकर अपने उत्पाद की टेस्टिंग करा सकती हैं। साथ ही कोई दूसरा ऐसा संगठन है, जिसके पास ऐसे उत्पादों की टेस्टिंग करने के लिए बीआईएस का लाइसेंस है तो वहां भी एन-95 मास्क की टेस्टिंग कराई जा सकती है।


इसका फायदा यह हुआ है कि दस स्वदेशी कंपनियों ने एन-95 मास्क बनाने के लिए लाइसेंस जारी करने का आवेदन दिया है। दो कंपनियां ऐसी हैं, जिनके पास पहले से ही यह लाइसेंस था, लेकिन अब वे भारतीय मानकों के अनुसार एन-95 मास्क तैयार करने के लिए आगे आई हैं।

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