अफगानिस्तान में मारा गया ISIS में शामिल होने गया भारतीय युवक
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अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने गया केरल का रहने वाला युवक शुक्रवार को अफगानिस्तान में एक ड्रोन हमले में मारा गया। 24 साल के हफीजुद्दीन टी. कोलेथ नाम के युवक के परिवार ने ये जानकारी रविवार को साझा की।
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक हफीजुद्दीन की मां के पास शनिवार रात को आईएएस में शामिल होने गए अन्य युवक एक लिखित संदेश आया, जिसमें कहा गया कि उसका बेटा एक हमले में मारा गया है।
हफीजुद्दीन उन 21 लोगों के समूह में शामिल था, जिन लोगों ने जून 2016 में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS ज्वॉइन करने के लिए देश छोड़ दिया था। मिली जानकारी के मुताबिक हफीजुद्दीन को अफगानिस्तान में ही दफना दिया गया है।
हाफीज तीन साल पहले खाड़ी देशों में रहकर आया था
टेलीग्राम मैसेज एप के जरिए मिले टेक्स्ट मैसेज में कहा गया "हम उसे शहीद मानते हैं। हम अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं"। टेलीग्राम इंटरनेट आधारित वो मैसेजिंग ऐप है जिसका इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट से संपर्क साधने के लिए संदिग्धों के जरिए किया जाता है।
कहा जा रहा है कि हाफिज तीन साल पहले खाड़ी देशों में रहकर आया था। जिसके बाद कोझीकोड स्थित पीस इंटरनेशनल स्कूल में काम करने वाले शख्स अबुल राशिद अब्दुल्लाह के संपर्क में आ गया।
अबुल राशिद ने ही उसे कट्टरता का पाठ पढ़ाया। आईएस में शामिल होने वाला ये समूह अफगानिस्तान के कब्जे वाले इलाके नानगरहर चला गया है। एनआईए की जांच में पता चला है कि एनआईटी से पढ़ा शाजीर अब्दुल केरल ISIS का मॉडयूल संचालित कर रहा था। हालांकि इस बात की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है कि हाफिज इस मॉडयूल में काम कर रहा था या नहीं।