फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian students in Ukraine: many students stranded at Romania border, pleaded for help

यूक्रेन में बेहाल भारतीय छात्र: जयंत, रोहन, क्रीमा फंसे रोमानिया बार्डर पर, लगाई अमर उजाला से मदद की गुहार

Mon, 28 Feb 2022 07:43 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 28 Feb 2022 07:43 PM IST
सार

जयंत, स्नेहा के पिता बीबी शर्मा दिल्ली, नोएडा की सीमा पर स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहते हैं। बीबी शर्मा को आपदा प्राधिकरण, और सरकार की कुछ एजेंसियों से लगातार बच्चों को सकुशल पहुंचाने के फोन आ रहे हैं। बीबी शर्मा की परेशानी यही है कि पिछले दो दिन से तीनों बच्चे रोमानिया की सीमा के पास अटके पड़े हैं...

विज्ञापन
Indian students in Ukraine: many students stranded at Romania border, pleaded for help
बॉर्डर पर खड़े भारतीय छात्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूक्रेन में पढ़ रहे छात्र पिट्ठू बैग में एक-दो कपड़े रखकर कीव से निकलकर ट्रेन से रोमानिया सीमा के पास पहुंचे हैं, लेकिन वहां से आगे का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। जयंत और स्नेहा भाई-बहन हैं। इनके साथ इनकी अहमदाबाद की सहपाठी क्रीमा गांधी भी हैं। सभी मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। बताते हैं कि रोमानिया की सीमा से तीन किमी दूर हैं। उनके पास न खाने को बचा है और न ही कपड़े। रोमानिया की सीमा के पास का तापमान कोई 15 डिग्री सेल्सियस है। जयंत बताते हैं कि यूक्रेन की राजधानी कीव जो कभी देखने में बहुत खूबसूरत थी, वहां अब केवल तबाही का मंजर दिखाई देता है।

विज्ञापन


जयंत, स्नेहा के पिता बीबी शर्मा दिल्ली, नोएडा की सीमा पर स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहते हैं। बीबी शर्मा को आपदा प्राधिकरण, और सरकार की कुछ एजेंसियों से लगातार बच्चों को सकुशल पहुंचाने के फोन आ रहे हैं। बीबी शर्मा की परेशानी यही है कि पिछले दो दिन से तीनों बच्चे रोमानिया की सीमा के पास अटके पड़े हैं।

विज्ञापन

छात्रों ने की सहायता, अपनी बस में बिठाया

जयंत ने बताया कि ट्रेन से उतरने के बाद तीनों छात्र पैदल ही रोमानिया बार्डर की तरफ चले जा रहे थे, लेकिन 300 भारतीय छात्रों से भरी बसों के काफिले ने इन तीन छात्रों की मदद की। उन्हें बस में बिठाकर ठंड से बचाया है। स्नेहा और जयंत बताते हैं कि यूक्रेन में इतने तनाव के बाद जहां हर छात्र अपने देश लौटने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं संकट में फंसे छात्र और लोग एक-दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं। छात्रों की भी मदद कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed