भारतीय नौसेना: अगले सप्ताह होगा स्वावलंबन 2.0 सेमिनार; नौसेना अगले हफ्ते पेश करेगी नया स्वदेशीकरण रोडमैप
भारतीय नौसेना का स्वेदशीकरण रोडमैप 4 और 5 अक्टूबर को आयोजित होने वाले वार्षिक 'स्वावलंबन' सेमिनार के दूसरे संस्करण में जारी किया जाएगा। सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भी शिरकत करेंगे।
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भारतीय नौसेना स्वदेशीकरण के एक अपडेटेड रोडमैप का अगले हफ्ते अनावरण करेगी। इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और प्लेटफार्मों में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए उसकी विशिष्ट पहलों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। रोडमैप 4 और 5 अक्तूबर को आयोजित होने वाले वार्षिक ‘स्वावलंबन’ सेमिनार के दूसरे संस्करण में जारी किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
नौसेना उप प्रमुख एडमिरल संजय जसजीत सिंह ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि नौसेना अधिकारियों ने बताया कि सेमिनार में पहले दिन पूर्ण सत्र के अलावा, नवाचार और विमानन को समर्पित सत्र होंगे। नवाचार पर सत्र में ‘स्प्रिंट’ पहल पर चर्चा होती है और उसके बाद खरीद, नीतियों और प्रमाणन पर बातचीत होगी। इसके अलावा, तीनों सेवाओं से संबंधित कई अन्य लॉन्च और प्रमुख नीति घोषणाएं अपेक्षित हैं। दूसरे दिन स्वदेशीकरण और शस्त्रीकरण पर सत्र होंगे, जिसमें स्वावलंबन 2.0 दस्तावेज पर उद्योग के साथ एक संवाद सत्र भी होगा। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि दूसरे दिन चिकित्सा नवाचारों पर ब्रेकआउट सत्र होगा। 50 से अधिक मित्र देशों के रक्षा अताशे और राजनयिक शामिल होंगे।
नौसेना ने पिछले सेमिनार के संकल्प को किया पूरा
एडमिरल सिंह ने कहा, नौसेना ने पिछले साल ‘स्वावलंबन’ सेमिनार में 75 प्रौद्योगिकियों को विकसित करने का संकल्प लिया था और यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इस बार सेमिनार में पानी के नीचे ड्रोन, स्वायत्त हथियारयुक्त नाव झुंड और अग्निशमन प्रणालियों समेत विभिन्न सैन्य हार्डवेयर उपयोग वाली इन 75 प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय सेमिनार में कई नीतिगत फैसले और नई घोषणाएं सामने आएंगी। हालांकि उन्होंने इनका कोई ब्योरा नहीं दिया। सिंह ने कहा, भारतीय नौसेना आत्मनिर्भरता पहल में सबसे आगे है। यह (आत्मनिर्भरता) हमारे लिए मूल सिद्धांत है। स्वदेशीकरण के मोर्चे पर विभिन्न पहलों को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने कहा कि नौसेना के पास अब अनुमोदित उत्पादों की एक शृंखला है और ऐसी कई परियोजनाएं जल्द ही पूरी हो जाएंगी।