{"_id":"572bfca24f1c1b61145ce45c","slug":"indian-national-congress-vice-president-rahul-gandhi-s-team-is-happy-by-googly-of-prashant-kishor","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"निशाने पर लगा 'पीके' का तीर, प्रियंका हो सकती हैं यूपी में सीएम उम्मीदवार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
निशाने पर लगा 'पीके' का तीर, प्रियंका हो सकती हैं यूपी में सीएम उम्मीदवार
शशिधर पाठक/ अमर उजाला,नई दिल्ली
Updated Fri, 06 May 2016 02:32 PM IST
विज्ञापन
प्रियंका गांधी प्रशांत किशोर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश का सीएम बनाने की खबर क्या उछाली, मीडिया ने लपक लिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष के कार्यालय के करीबी सूत्र बताते हैं कि प्रशांत किशोर समेत पूरी टीम गदगद है। प्रशांत टीम राहुल का अहम हिस्सा हैं। इसे प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश में राजनीतिक ‘स्ट्रेंथ’ के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक कांग्रेस प्रियंका गांधी की राजनीतिक भूमिका बढ़ाने की घोषणा कर सकती है।
विज्ञापन
बताते हैं कि प्रशांत का मकसद राहुल को सीएम के तौर पर पेश करना नहीं था। बल्कि उत्तर प्रदेश में चुनाव को लेकर राहुल और प्रियंका का नाम उछालने के बाद उसकी प्रतिक्रिया का आकलन करना था। इसे प्रशांत किशोर की मुख्य मुद्दों से ध्यान बंटाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। राहुल के कार्यालय में राजनीतिक मामलों पर नजर रखने वाले सूत्र के मुताबिक, हालांकि इस मामले में किशोर ने कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनका मकसद यही था।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि गुलाटी रेस्त्रां में कुछ पत्रकारों के साथ दावत में प्रशांत किशोर ने यह लिटमस टेस्ट किया था। किशोर ने पंजाब के बाद जब से उत्तर प्रदेश की कमान संभाली है, उनकी तलाश एक बड़े चेहरे की है। एक ऐसा चेहरा जिसके नाम पर राज्य के न केवल सभी कांग्रेसी धड़े एकजुट रहें, बल्कि पार्टी के पारंपरिक मतदाताओं में भी उत्साह आ जाए।
विज्ञापन
बड़े चेहरे में प्रियंका सबसे उपयुक्त
प्रियंका गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
बड़े चेहरों की तलाश के क्रम में प्रशांत की राय में प्रियंका गांधी वाड्रा सबसे उपयुक्त हैं। लेकिन प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने को लेकर जहां अभी प्रियंका भी पूरी तरह से तैयार नहीं हैं, वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी एक हिचक महसूस की जा रही है। कांग्रेस कोई ऐसा खतरा मोल नहीं लेना चाहती कि प्रियंका को राजनीति में उतारे भी और उसका यह तुरुप का पत्ता चल भी न पाये। वैसे प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने को लेकर पार्टी के लगभग सभी महासचिवों की यही राय है कि इसका निर्णय खुद प्रियंका को, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेना है।
यूपी चुनाव में बढ़ सकती है प्रियंका की भूमिका
माना यह जा रहा है कि राजनीतिक सरगर्मी और स्थितियां ठीक रही तो कांग्रेस फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की भूमिका को बढ़ा सकती है। उन्हें अमेठी, राय बरेली से बाहर राज्य के अन्य जिलों की विधानसभा क्षेत्रों में भी उतारा जा सकता है या फिर कोई और घोषणा की जा सकती है। लेकिन अभी इसके बाबत कुछ खुलकर नहीं कहा जा सकता।
यूपी चुनाव में बढ़ सकती है प्रियंका की भूमिका
माना यह जा रहा है कि राजनीतिक सरगर्मी और स्थितियां ठीक रही तो कांग्रेस फिलहाल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी की भूमिका को बढ़ा सकती है। उन्हें अमेठी, राय बरेली से बाहर राज्य के अन्य जिलों की विधानसभा क्षेत्रों में भी उतारा जा सकता है या फिर कोई और घोषणा की जा सकती है। लेकिन अभी इसके बाबत कुछ खुलकर नहीं कहा जा सकता।