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भारतीय दूतावास: बढ़ती हिंसा के मद्देनजर भारतीयों को अफगानिस्तान की गैर जरूरी यात्रा से बचने की दी सलाह
Wed, 30 Jun 2021 03:16 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 30 Jun 2021 03:16 AM IST
सार
- भारतीय दूतावास ने कहा कि अफगानिस्तान के कई प्रांतों में सुरक्षा की स्थिति बेहत खतरनाक बनी हुई है। कई प्रांतों में और आतंकवादी समूहों ने हिंसक गतिविधियों को बढ़ाते हुए नागरिकों को निशाना बनाया है।
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- फोटो : PTI
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विस्तार
अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर भारतीय दूतावास ने मंगलवार को भारत के नागरिकों को वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है। दूतावास ने अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में नागरिकों समेत बढ़ती हिंसा को देखते हुए जोर देकर भारतीय नागरिकों से सभी प्रकार के गैर-जरूरी यात्रा से बचने के लिए कहा है।
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भारतीय दूतावास ने कहा कि अफगानिस्तान के कई प्रांतों में सुरक्षा की स्थिति बेहत खतरनाक बनी हुई है। कई प्रांतों में और आतंकवादी समूहों ने हिंसक गतिविधियों को बढ़ाते हुए नागरिकों को निशाना बनाया है।
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आतंकियों ने हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम देते हुए रक्षा, सुरक्षाबलों, संस्थानों और सरकार तक को निशाना बना रहे हैं। दूतावास ने आगे कहा कि भारतीय नागरिक कोई अपवाद नहीं हैं। उनका चेहरा देखते हुए उन्हें अगवा भी किया जा सकता है। प्रमुख शहरों में बाहर की यात्रा से बचना चाहिए और कोई आवश्यक कार्य को जब तक संभव हो सकता है रोक लें।
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अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा से चिंतित भारत
भारतीय अधिकारियों ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में फिर से बढ़ती हिंसा को लेकर चिंतित है और उसने शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के लिए व्यापक संघर्ष विराम पर जोर दिया है।
विदेशमंत्री एस जयशंकर हाल ही में कुवैत और केन्या के दौरे के दौरान दोहा में भी ठहरे थे। दोहा में कतर नेताओं के साथ वार्ता में अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी बात हुई थी। साथ ही जयशंकर ने अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जलमय खलीजाद से भी मुलाकात की थी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए सही मायनों में देश के अंदर और आसपास दोहरी शांति की आवश्यकता है। हिंसा में तत्काल कमी और असैन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत अफगानिस्तान में स्थायी और व्यापक संघर्ष विराम चाहता है।