{"_id":"5d0ad9728ebc3e61bf08b1d0","slug":"indian-army-moves-to-raise-integrated-battle-groups-for-greater-punch-across-pak-china-borders","type":"story","status":"publish","title_hn":"युद्ध हुआ तो पाक-चीन को मिलेगा करारा जवाब, सेना सीमा पर तैनात करने जा रही है इंटीग्रेटेड वॉर ग्रुप्स","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
युद्ध हुआ तो पाक-चीन को मिलेगा करारा जवाब, सेना सीमा पर तैनात करने जा रही है इंटीग्रेटेड वॉर ग्रुप्स
Thu, 20 Jun 2019 06:25 AM IST
संदीप भट्ट
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 20 Jun 2019 06:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पड़ोसी मुल्क से बढ़ते तनाव के बीच सेना ने पाकिस्तान से लगती सीमा पर अक्तूबर तक इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी या वॉर ग्रुप्स) को तैनात करने की रणनीति तैयार की है ताकि युद्ध होने की स्थिति में तेजी से दुश्मन पर हमला किया जा सके। आईबीजी को बाद में चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि आईबीजी की तैनाती का मकसद युद्ध के दौरान सेना की क्षमता को और अधिक मजबूती प्रदान करना है। आईबीजी में आर्टिलरी गन, टैंक, एयर डिफेंस और लॉजिस्टिक शामिल होंगे। ये सब मिलकर इसे पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार यूनिट बनाएंगे। यह कदम तीनों सशस्त्र सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल लाने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि हमने पूर्वी कमांड के तहत इस खास युद्धक रणनीति आईबीजी का अभ्यास भी किया है। युद्धक फॉर्मेशन टीम और टॉप कमांडरों ने इसके अभ्यास को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इसे देखते हुए अक्तूबर महीने तक पाक सीमा के पास ऐसे दो से तीन आईबीजी तैनात की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
आईबीजी के अभ्यास और उसके फीडबैक को लेकर पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में विस्तृत चर्चा हुई थी। सैन्य मुख्यालय में हुई बैठक में सात सैन्य कमांडरों ने हिस्सा लिया था। इन्हें निर्देश दिए गए थे वे अपने-अपने यहां आईबीजी को तैयार कराएं।
पहले तीन आईबीजी पूर्वी कमांड की विभिन्न फॉर्मेशन से बनाए जाएंगे। इनके शामिल होने से सेना की ताकत और बढ़ जाएगी। आईबीजी सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की उस खास रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह सेना को ज्यादा प्रभावशाली और घातक बनाना चाहते हैं।
मेजर जनरल रैंक का अधिकारी करेगा नेतृत्व
आईबीजी का नेतृत्व मेजर जनरल रैंक का अधिकारी करेगा और एक आईबीजी में 5000 जवान होंगे।