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अमेरिका : ग्रीन कार्ड के लिए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टरों ने किया कैपिटल के बाहर प्रदर्शन
Wed, 14 Apr 2021 03:52 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 14 Apr 2021 03:52 AM IST
सार
- किसी भी देश को अधिकतम सात प्रतिशत कोटा का नियम खत्म की सांसदों से की मांग।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
भारतीय-अमेरिकी चिकित्सकों ने ग्रीन कार्ड के लिए सोमवार को अमेरिका की कैपिटल इमारत के समक्ष प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि अमेरिका मेें वैध स्थायी निवास के लिए देशों के अंतर्गत बंटा कोटा खत्म किया जाए। इसके लिए अमेरिकी सांसद कानून पास करें।
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ग्रीन कार्ड ऐसा दस्तावेज है, जिससे अमेरिका में रहने वाले अनिवासियों को यहां स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिलती है। डेढ़ सौ साल पुराने नियमों के तहत किसी भी देश के नागरिकों को सात प्रतिशत से अधिक ग्रीन कार्ड नहीं दिए जाते।
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प्रदर्शन कर रहे भारतीय-अमेरिकी चिकित्सकों का कहना था कि देशों के अनुपात में इसे बांटने की वजह से 150 से अधिक ग्रीन कार्ड का बैकलॉग पैदा हो गया है। भारत में करोड़ों लोग रहते हैं, लेकिन उन्हें आइसलैंड जैसे देश के बराबर ग्रीन कार्ड मिलते हैं, जो आबादी में कहीं छोटा है।
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दूसरी ओर एच1-बी वर्क वीजा पर ऐसी कोई सीमा नहीं है, इसे पाने वाले 50 प्रतिशत लोग भारतीय होते हैं। इन दोनों में असमानता होने की वजह से भारतीयों को स्थायी नागरिकता पाने में नुकसान हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल डॉ. नमिता धीमान ने कहा कि भारतीय इसकी वजह से चिंता और मानसिक तनाव में जी रहे हैं। शांतनु सामंत के अनुसार उन्हें अपने परिवार की चिंता होती है, ग्रीन कार्ड नहीं मिलने से वे अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित रहते है।