फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India will not send troops in afghanistan

अफगानिस्तान में सेना भेजने जैसे फैसले पर अमेरिका के झांसे में नहीं आएगा भारत

Wed, 27 Sep 2017 12:39 AM IST
शशिधर पाठक/अमर उजाला,नई दिल्ली
शशिधर पाठक/अमर उजाला,नई दिल्ली Updated Wed, 27 Sep 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
India will not send troops in afghanistan
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : File Photo
अमेरिका की सेना के अफगानिस्तान में प्रवेश के बाद से ही उसने कई बार इस तरह का प्रस्ताव रखा है, लेकिन भारत ने हमेशा इससे अपने हाथ खींच लिए हैं। कुछ समय पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में शांति की स्थापना के लिए भारत से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की थी। इसका अर्थ अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में भारत के सेना भेजने की मंशा से लगाया जा रहा था। लेकिन सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष से भेंट के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अफगानिस्तान में सेना भेजने को लेकर रुख साफ किया और कहा कि वहां भारत सेना नहीं भेजेगा।
विज्ञापन


पाकिस्तान को जवाब
अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने नई दिल्ली से पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद मैटिस ने कहा कि हम दोनों ने आतंकवाद के वैश्विक खतरे को रेखांकित किया है। हम इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं और दुनिया में कहीं भी सुरक्षित आतंकी ठिकाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। 
विज्ञापन


इस दौरान निर्मला सीतारमण ने चर्चा में जेम्स मैटिस के साथ चर्चा में पाकिस्तान को मिल रही अमेरिकी सैन्य मदद का मुद्दा उठाया। सीतारमण ने कहा कि हमने पड़ोस की स्थिति और सीमा पार से आतंकवाद के बढ़ रहे खतरे पर विस्तार से चर्चा की है। हम दोनों देशों में समानता का स्तर बढ़ रहा है। दोनों पक्ष इस बात से सहमत हैं कि उन लोगों को देखना होगा जो आतंकवाद को अपनी राष्ट्र नीति के उपकरण के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।  सीतारमण ने कहा कि कहा कि उन आधारभूत ढांचों को नष्ट किया जाए जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गार्जियन ड्रोन तो लेकिन.....
अमेरिका और भारत के बीच सामरिक साझेदारी नये मुकाम पर पहुंच रही है। भारत अमेरिका से मारक क्षमता वाले गार्जियन ड्रोन लेना चाहता है। वहीं अमेरिकी कंपनियां एफ-16 लड़ाकू विमान सौदे को लेकर इच्छुक हैं। लेकिन दोनों ही सौदे में तकनीकी हस्तांतरण समेत कई पेंचीदगियां है। भारत की मेक इन इंडिया की नीति को लेकर भी अमेरिका की तरफ से ना-नुकर जारी है। इन सबके बाद भी दोनों देशों में रक्षा सहयोग के आगे बढऩे की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed