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भारत-अमेरिका ने महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर किए दस्तखत
एजेंसी ,वाशिंगटन
Updated Tue, 30 Aug 2016 06:23 AM IST
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रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर
- फोटो : Getty
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भारत और अमेरिका में सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा से जुड़े माल ढुलाई गठजोड़ को मजबूती मिलेगी। इस समझौते से दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की संपत्तियों और जमीन का इस्तेमाल रक्षा मजबूती के लिए कर सकेंगी।
द्विपक्षीय लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एलईएमओए) पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों को व्यावहारिक अभ्यास और परस्पर आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगा। इससे पहले वाशिंगटन के पेंटागन पहुंचे रक्षा मंत्री परिकर का भव्य स्वागत और एनहैंस्ड ऑनर सम्मान किया गया। परिकर की सालभर के अंदर यह दूसरी अमेरिका यात्रा है।
एलईएमओए अमेरिका और भारतीय सेनाओं के बीच प्रतिपूर्ति आधार पर लॉजिस्टिक सहयोग, सप्लाई और सेवा की सुविधा प्रदान करेगा और इनके संचालन की रूपरेखा तय करेगा। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद जारी एक साझा बयान में कहा गया, ‘दोनों देश इस बात से सहमत थे कि इस महत्वपूर्ण समझौते से दोनों सेनाओं को रक्षा प्रौद्योगिकी के अभिनव और उन्नत अवसर मिलेंगे। अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा व्यापार एवं प्रौद्योगिकी की साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति जताई क्योंकि भारत उसका सबसे करीबी भागीदार बन चुका है।’
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द्विपक्षीय लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एलईएमओए) पर हस्ताक्षर का स्वागत करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों को व्यावहारिक अभ्यास और परस्पर आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगा। इससे पहले वाशिंगटन के पेंटागन पहुंचे रक्षा मंत्री परिकर का भव्य स्वागत और एनहैंस्ड ऑनर सम्मान किया गया। परिकर की सालभर के अंदर यह दूसरी अमेरिका यात्रा है।
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एलईएमओए अमेरिका और भारतीय सेनाओं के बीच प्रतिपूर्ति आधार पर लॉजिस्टिक सहयोग, सप्लाई और सेवा की सुविधा प्रदान करेगा और इनके संचालन की रूपरेखा तय करेगा। समझौते पर हस्ताक्षर के बाद जारी एक साझा बयान में कहा गया, ‘दोनों देश इस बात से सहमत थे कि इस महत्वपूर्ण समझौते से दोनों सेनाओं को रक्षा प्रौद्योगिकी के अभिनव और उन्नत अवसर मिलेंगे। अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा व्यापार एवं प्रौद्योगिकी की साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति जताई क्योंकि भारत उसका सबसे करीबी भागीदार बन चुका है।’
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पेंटागन में परिकर का शानदार स्वागत
भारतीय रक्षामंत्री मनोहर परिकर
- फोटो : अमर उजाला
अमेरिका में एनहैंस्ड ऑनर महत्वपूर्ण मेहमानों और आगंतुकों को दिया जाता है। सामान्य ऑनर कॉर्डन के तहत आगंतुकों से पेंटागन की सीढ़ियों पर हाथ मिलाया जाता है। इसके बाद ही उन्हें भवन के अंदर ले जाया जाता है। एनहैंस्ड ऑनर कॉर्डन के तहत मेहमान के लिए राष्ट्रगान किया जाता है।
औपचारिक स्वागत समारोह के बाद परिकर ने पेंटागन 9/11 मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद दोनों नेता बातचीत के लिए आगे बढ़े। अमेरिका ने इसी वर्ष जून में भारत को बड़ा रक्षा भागीदार नियुक्त किया था और इसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह छठी मुलाकात थी। कार्टर ने अप्रैल में भारत दौरे के वक्त भी परिकर से मुलाकात की थी।
औपचारिक स्वागत समारोह के बाद परिकर ने पेंटागन 9/11 मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद दोनों नेता बातचीत के लिए आगे बढ़े। अमेरिका ने इसी वर्ष जून में भारत को बड़ा रक्षा भागीदार नियुक्त किया था और इसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह छठी मुलाकात थी। कार्टर ने अप्रैल में भारत दौरे के वक्त भी परिकर से मुलाकात की थी।