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DRDO: भारत ने सफलतापूर्वक किया 'प्रलय' बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण, 500 किलोमीटर तक है मारक क्षमता
Tue, 07 Nov 2023 02:47 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालासोर
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 07 Nov 2023 02:47 PM IST
सार
प्रलय मिसाइल की रेंज 350-500 किलोमीटर है और यह 500-1000 किलो पेलोड ले जाने में सक्षम है।
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बैलिस्टिक मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
विस्तार
भारत ने मंगलवार को सफलतापूर्वक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल प्रलय का परीक्षण किया। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह परीक्षण ओडिशा तट पर अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। बता दें कि प्रलय मिसाइल डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई है। अधिकारियों ने बताया यह परीक्षण सुबह 9.50 बजे किया गया और इसने अपने सभी उद्देश्यों को पूरा किया।
500 किलोमीटर है मारक रेंज
ट्रैकिंग उपकरणों से मिसाइल की ट्रैजेक्टरी का विश्लेषण किया गया। बता दें कि प्रलय मिसाइल की रेंज 350-500 किलोमीटर है और यह 500-1000 किलो पेलोड ले जाने में सक्षम है। प्रलय मिसाइल एलएसी और एलओसी पर तैनाती के लिए विकसित की गई है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि चीन डोंग फेंग 12 और रूस की इस्केंडर मिसाइलों की तुलना भारत की प्रलय मिसाइल से हो सकती है। यूक्रेन युद्ध में रूस ने इस्केंडर मिसाइल का खूब इस्तेमाल किया है। बता दें कि पाकिस्तान के पास भी इस रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है।
गौरतलब है कि एक महीने पहले ही भारतीय वायुसेना ने लंबी दूरी की हवा से लॉन्च की जाने वाली ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। वायुसेना ने बंगाल की खाड़ी में यह परीक्षण किया गया, जिसमें फाइटर जेट सुखोई-30एमकेआई से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल लॉन्च की गई। यह मिसाइल 1500 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत के सबसे घातक हथियारों में से एक है।
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500 किलोमीटर है मारक रेंज
ट्रैकिंग उपकरणों से मिसाइल की ट्रैजेक्टरी का विश्लेषण किया गया। बता दें कि प्रलय मिसाइल की रेंज 350-500 किलोमीटर है और यह 500-1000 किलो पेलोड ले जाने में सक्षम है। प्रलय मिसाइल एलएसी और एलओसी पर तैनाती के लिए विकसित की गई है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि चीन डोंग फेंग 12 और रूस की इस्केंडर मिसाइलों की तुलना भारत की प्रलय मिसाइल से हो सकती है। यूक्रेन युद्ध में रूस ने इस्केंडर मिसाइल का खूब इस्तेमाल किया है। बता दें कि पाकिस्तान के पास भी इस रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल है।
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गौरतलब है कि एक महीने पहले ही भारतीय वायुसेना ने लंबी दूरी की हवा से लॉन्च की जाने वाली ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। वायुसेना ने बंगाल की खाड़ी में यह परीक्षण किया गया, जिसमें फाइटर जेट सुखोई-30एमकेआई से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल लॉन्च की गई। यह मिसाइल 1500 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत के सबसे घातक हथियारों में से एक है।
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