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सुरक्षा परिषद-एनएसजी सदस्यता के लिए भारत ने मांगा अमेरिकी सहयोग
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Aug 2016 11:23 PM IST
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कैरी सुषमा
- फोटो : getty
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत-अमेरिका सामरिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के दूसरे संस्करण के दौरान कहा कि भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की स्थायी सदस्यता पाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, “एनएसजी की सदस्यता तथा यूएनएससी की स्थायी सदस्यता पाने के लिए हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करते रहने की आशा रखते हैं।”
इसी साल कुछ माह पहले एनएसजी की सदस्यता पाने में भारत के प्रयास को चीन सहित कुछ देशों ने विफल कर दिया था। सुषमा स्वराज ने जोर देते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को सह-उत्पादन तथा सह-विकास के अगले स्तर तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा, “यह भारत तथा अमेरिका के बीच औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा और क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने में इच्छित भूमिका निभाने में भारत की मदद करेगा।”
अपने उद्घाटन भाषण में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने रक्षा, साइबर आतंकवाद से निपटने तथा आतंकवाद से निपटने की दिशा में सहयोग को गहरा किया है, “हम आशा करते हैं कि हमारा असैन्य परमाणु सहयोग नए रिएक्टर के रूप में आकार ले, जो भारतीय परिवारों तक सस्ती बिजली पहुंचाएगा।” उन्होंने कहा, “हम नई प्रौद्योगिकी लाने को लेकर काम कर रहे हैं, ताकि भारत महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो।”
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इसी साल कुछ माह पहले एनएसजी की सदस्यता पाने में भारत के प्रयास को चीन सहित कुछ देशों ने विफल कर दिया था। सुषमा स्वराज ने जोर देते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को सह-उत्पादन तथा सह-विकास के अगले स्तर तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा, “यह भारत तथा अमेरिका के बीच औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा और क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने में इच्छित भूमिका निभाने में भारत की मदद करेगा।”
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अपने उद्घाटन भाषण में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने रक्षा, साइबर आतंकवाद से निपटने तथा आतंकवाद से निपटने की दिशा में सहयोग को गहरा किया है, “हम आशा करते हैं कि हमारा असैन्य परमाणु सहयोग नए रिएक्टर के रूप में आकार ले, जो भारतीय परिवारों तक सस्ती बिजली पहुंचाएगा।” उन्होंने कहा, “हम नई प्रौद्योगिकी लाने को लेकर काम कर रहे हैं, ताकि भारत महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो।”
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पाकिस्तान को सुनाई खरी खरी
सुषमा स्वराज
- फोटो : PTI
वार्ता के बाद जारी साझा बयान में विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के खरी खरी सुनाई और कहा मेरे और अमेरिकी विदेश मंत्री के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई। दोनों देशों का मानना है कि आतंकवाद से निपटना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए सबसे अहम चुनौती है। आतंकवाद वैश्वक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रहा है कि इस मसले पर दोनों देशों के विचार एक जैसे हैं।
सुषमा स्वराज ने कहा कि हमने पाकिस्तान द्वारा भारत में फैलाए जा रहे आतंकवाद से अमेरिकी विदेश मंत्री को अवगत कराया है। हमारे बीच इस बात को लेकर सहमति बनी कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई भी देश दोहरे मापदंड न अपनाए और अच्छे बुरे आतंकवाद में भेद न करे। इसके साथ ही कोई भी देश आतंकवादियों के लिए शरणगाह न बने, अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में नहीं होने दे।
भारत और अमेरिका के बीच इस बात की भी सहमति बनी कि पाकिस्तान में पल रहे लश्कर ए तैयब्बा, जैश ए मोहम्मद और डी कंपनी जैसे आतंकी संगठनों के पाकिस्तानी ठिकानों को जल्द से जल्द खत्म करने की आवश्यकता है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि हमने पाकिस्तान द्वारा भारत में फैलाए जा रहे आतंकवाद से अमेरिकी विदेश मंत्री को अवगत कराया है। हमारे बीच इस बात को लेकर सहमति बनी कि आतंकवाद के मुद्दे पर कोई भी देश दोहरे मापदंड न अपनाए और अच्छे बुरे आतंकवाद में भेद न करे। इसके साथ ही कोई भी देश आतंकवादियों के लिए शरणगाह न बने, अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में नहीं होने दे।
भारत और अमेरिका के बीच इस बात की भी सहमति बनी कि पाकिस्तान में पल रहे लश्कर ए तैयब्बा, जैश ए मोहम्मद और डी कंपनी जैसे आतंकी संगठनों के पाकिस्तानी ठिकानों को जल्द से जल्द खत्म करने की आवश्यकता है।