भारत के 1000 नए लोग विश्व के अरबपतियों की लिस्ट में होंगे शामिल
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दुनिया के 2 फीसदी करोड़पति और 5 फीसदी अरबपति भारत में रहते हैं और आने वाले दशक में हर साल 1000 नए सुपररिच लोगों के अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (यूएचएनडब्ल्यू) अरबपति क्लब में शामिल होने की उम्मीद की जा रही है।
ताजा नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट के अनुसार भारत में दुनिया के 2 फीसदी यानी 13.6 मिलियन करोड़पति रहते हैं जबकि अरबपतियों की संख्या पांच फीसदी यानी 2024 है। 2015 और 2016 के दरम्यान देश में यूएचएनडब्ल्यू में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है और इस संख्या में अगले दशक में 150 फीसदी से ज्यादा बढ़ोत्तरी की संभावना है।
वैश्विक संपत्ति परामर्श द्वारा सिटी वेल्थ इंडेक्स में 89 देशों के 125 से भी ज्यादा शहरों में रहने वाले सुपर रिच लोगों की बढ़ती आबादी को लेकर रिपोर्ट जारी की है।
अगले दशक में इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर होगा भारत
इस रिपोर्ट में भारत में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स लोगों की तादाद पिछले एक दशक के दौरान 290 फीसदी बढ़ी है। साथ ही 2016 में यूएचएनडब्ल्यूआई की वृद्धि दर में भारत छठवें स्थान पर है लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए भारत अगले दशक में इस फेहरिस्त में तीसरे स्थान पर जाएगा।
2017 में जारी की गई इस रिपोर्ट में दुनिया के 900 प्राइवेट बैंकर्स और वेल्थ एडवाइजर्स को सर्वे में शामिल कर तैयार किया गया है। भारत में अल्ट्रा रिच आबादी के मामले में मुंबई 1340 यूएचएनडब्ल्यूआई के साथ पहले नंबर पर है जबकि दिल्ली (680), कोलकाता (280) और हैदराबाद (260) क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर है।
देश के सबसे अमीर शहरों की सूची में शामिल मुंबई इस मामले में टोरंटो, वाशिंगटन डीसी और मॉस्को से भी आगे है जबकि दिल्ली बैंकॉक, सिएट और जकार्ता को पीछे छोड़ते हुए 35वें पायदान पर है।