पीएम मोदी पर ट्रंप के तंज को भारत ने किया खारिज, भाजपा को मिला कांग्रेस का साथ
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भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के तंज ने सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों को एक साथ ला दिया है। युद्ध से त्रस्त देश में एक पुस्तकालय के वित्त पोषण को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसने को आधिकारिक सूत्रों ने खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने भी ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि अफगानिस्तान में विकास कार्यों के संदर्भ में भारत को अमेरिका से उपदेश की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि प्रिय ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री का मजाक बनाना बंद करिए। अफगानिस्तान पर भारत को अमेरिका के उपदेश की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत ने अफगानिसतान में नेशनल असेंबली की इमारत बनाने में मदद की। मानवीय जरूरतों से लेकर रणनीतिक-आर्थिक साझेदारी तक, हम अफगान भाइयों एवं बहनों के साथ हैं।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी ठीक नहीं है और यह अस्वीकार्य है। हम आशा करते हैं कि सरकार सख्ती से इसका जवाब देगी और अमेरिका को यह याद दिलाएगी कि भारत ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर सड़कें एवं बांध बनवाएं हैं तथा तीन अरब डॉलर के मदद की प्रतिबद्धता भी जताई है।’’
सूत्रों ने कहा कि भारत कई बड़ी निर्माण परियोजनाओं को लागू कर रहा है, साथ ही अफगानिस्तान में लोगों की जरूरतों के मुताबिक सामुदायिक विकास कार्यक्रमों को लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सहयोग देश को आर्थिक रूप से समृद्ध और स्थिर करने के लिए जारी रहेगा।
दरअसल, अफगानिस्तान में एक पुस्तकालय का वित्त पोषण करने के लिए ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि युद्ध से प्रभावित देश में इसका कोई मतलब नहीं है। साथ ही उन्होंने उस देश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त काम नहीं करने को लेकर भारत एवं अन्य देशों की आलोचना की थी।
अफगानिस्तान के विकास में भारत का योगदान
हाल में भारत ने अफगानिस्तान को 11 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति की थी। भारत और अफगानिस्तान ने दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 2017 में डायरेक्ट एयर फ्रेट कॉरिडोर की शुरूआत की थी। भारत, ईरान के चाबहार बंदरगाह के विकास में भी शामिल है जो अफगानिस्तान को व्यापार मार्ग उपलब्ध करायेगा।