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UN में स्थायी सदस्यता के लिए वीटो छोड़ने को तैयार भारत

Thu, 09 Mar 2017 10:15 AM IST
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह Updated Thu, 09 Mar 2017 10:15 AM IST
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India ready to leave Veto Initially for permanent membership in UN

संयुक्त राष्ट्र में सुधार प्रक्रिया को गति देने केउद्देश्य के तहत भारत समेत जी4 समूह के अन्य देशों ने कहा है कि वे नवीन विचारों का स्वागत करते हैं और स्थायी सदस्यता मिल जाने पर वीटो पावर का तब तक उपयोग नहीं करने की इच्छा रखते हैं जब तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं ले लिया जाता।

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इस मुद्दे पर बातचीत के लिए अंतर-सरकारी बैठक में जी4 देशों की ओर से एक संयुक्त बयान जारी करते हुए यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि जी4 देशों, भारत, जापान, ब्राजील और  जर्मनी का मानना है कि यूएन के सदस्य देशों का एक बड़ा बहुमत स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में हैं।
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बयान में कहा गया कि यूएन में बातचीत ही काम के लिए बुनियादी आवश्यकता है। ऐसे में जब हम आगे बढ़ने का कोई अन्य तरीका नहीं जानते हैं, हम यूएन की व्यवस्था को पुनर्गठित करने के लिए नए विचारों का स्वागत करते हैं। बयान में कहा गया कि नए स्थायी सदस्यों की जिम्मेदारी और बाध्यताएं वही होंगी जो वर्तमान सदस्यों की है।  
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गौरतलब है कि 1945 में गठित सुरक्षा परिषद में चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका पांच स्थायी सदस्य हैं। 10 अस्थायी सदस्यों का चुनाव दो वर्ष के लिए किया जाता है। स्थायी सदस्यता के भारत के प्रयासों में चीन और पाकिस्तान अड़ंगा डालते रहे हैं।
 

India ready to leave Veto Initially for permanent membership in UN
syed akbaruddin

समूह ने चेताया कि वीटो का मुद्दा महत्वपूर्ण  है लेकिन सदस्य देशों को इसे परिषद सुधार की प्रक्रिया पर ही वीटो के तौर पर उपयोग नहीं करना चाहिए। सदस्यों द्वारा सुधार के नाम पर अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने के विचार की ओर इशारा करते हुए समूह ने कहा कि सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच शक्ति का असंतुलन है और केवल अस्थायी वर्ग में विस्तार से समस्या का समाधान नहीं होगा। वास्तव में यह स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच अंतर को और बढ़ाएगा।

अकबरुद्दीन ने कहा कि संतुलित बढ़ोतरी ही दोनों वर्गों में समतुल्यता लाने का एकमात्र तरीका है और वैसा कोई भी सुधार जिसमें दोनों ही वर्गों का विस्तार नहीं होता वह अपूर्ण और बेकार है। यूएन की स्थायी सदस्यता के लिए भारत समेत कई देश पिछले कई सालों से प्रयास कर रहे हैं।

जी4 समूह में आने वाले देश, भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील स्थायी सदस्यता के प्रबल दावेदार हैं। पिछले कई सालों से मुख्य तौर पर वीटो पावर के कारण ही इन देशों को स्थायी सदस्यता नहीं मिल पा रही है।    

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