हाफिज सईद को सजा के बाद भारत ने कहा, पाक में सक्रिय सभी आतंकी गुटों पर हो कार्रवाई
- भारत ने पूछा, क्या पाक मुंबई और पठानकोट के गुनहगारों को भी सजा दिलाएगा?
- हाफिज को आतंक के आरोप में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की दो सजा सुनाई गई हैं
- अमेरिका ने हाफिज सईद को पाकिस्तान द्वारा सजा सुनाने के फैसले की सराहना की
विस्तार
पाकिस्तानी अदालत की तरफ से मुंबई धमाकों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को आतंक के आरोप में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की दो सजाएं सुनाने के बाद भारत ने कहा है कि उसकी धरती पर सक्रिय सभी आतंकी गुटों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने यह भी कहा है कि पाक में मौजूद आतंकी नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा, हमने मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं कि पाकिस्तान की एक कोर्ट ने आतंकी वित्तपोषण के मामले में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद को सजा सुनाई गई है। लेकिन यह सिर्फ इस बात का हिस्सा है कि पाकिस्तान वैश्विक दबाव के चलते आतंकवाद का समर्थन खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
बता दें कि सईद को लाहौर में आतंकरोधी अदालत ने वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की बैठक से ठीक पहले 11 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इसलिए इस फैसले का प्रभाव देखा जा सकता है। यह भी देखना होगा कि क्या पाक अपने नियंत्रण में आने वाले दूसरे सभी आतंकी संगठनों और आतंकवाद से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। सूत्र के मुताबिक भारत ने कहा है कि क्या पाक मुंबई और पठानकोट समेत सीमा पार आतंकी हमलों के गुनहगारों को न्याय दिलाएगा।
अमेरिका ने किया सजा का स्वागत
अमेरिका ने हाफिज सईद को पाकिस्तान द्वारा जेल की सजा सुनाने के फैसले की सराहना की है। वाशिंगटन के साथ भारत भी एक लंबे समय से इसकी मांग करता रहा है। दक्षिण एशिया मामलों की शीर्ष राजनयिक एलिस वेल्स ने ट्वीट किया कि हाफिज सईद और उसके सहयोगी की सजा मिलना, उसके अपराधों के लिए लश्कर को जवाबदेह बनाने और पाक के लिए वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने आतंकी समूह लश्कर-ए-ताइबा का भी जिक्र किया। मुंबई हमले के लिए भारत-अमेरिका दोनों ने एलईटी को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।
सिर्फ हाफिज सईद की सजा पर नहीं बदलेगा भारत का रुख
पाकिस्तान की अदालत से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद को सजा देने मात्र से भारत का रुख नहीं बदलेगा। विदेश मंत्रालय वेट एंट वॉच की नीति अपनाते हुए देखना चाहती है कि पाकिस्तान अपने यहां पल रहे आतंकी तंत्र के खिलाफ कितना ठोस कदम उठाता है। उसी आधार पर दोनों देशों के बीच संबंध सुधार की पहल निर्णय किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की अदालत ने सईद को 2019 के टेरर फंडिंग मामले में सजा सुनाई है। यह दरअसल 16 जनवरी को फाइनांशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक के मद्देनजर हुआ है। भारत यह देखेगा कि अदालत के आदेश का जमीनी तौर पर कितना असर होता है। इसके अलावा पाकिस्तान आगे कितनी और कैसी कार्रवाई करता है इसपर भविष्य की नीति तय होगी।
गौरतलब है कि एफएटीएफ ने पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान को आगाह किया था कि अगर वह आतंकवाद और उसकी फंडिंग के खिलाफ गंभीर कदम नहीं उठाता तो उसे ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
भारत का मानना है कि जैश-ए-मोहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर समेत कई बड़े आतंकी खुलेआम घूम रहे हैं। मुंबई और बालाकोट हमलों के आरोपी पर अबतक कोई विश्वसनीय कार्रवाई नहीं हुई है। इन मामलों में पाकिस्तान हमेशा से टालमटोल करता रहा है। मंत्रालय के मुताबिक अगर पाकिस्तान भारत के साथ संबंध सुधारने को लेकर गंभीर है तो उसे एफएटीएफ से इतर आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी होगी।