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चीन का प्रभाव कम करने के लिए म्यांमार का 'हर कदम' पर साथ देंगे मोदी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 30 Aug 2016 10:42 AM IST
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- फोटो : PTI
नई सरकार बनने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति हुतिन ज्यॉ ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी ने म्यांमार को महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए हर कदम पर साथ देने का वादा किया।
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म्यांमार और भारत के संबंधों के महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा,'भारत, म्यांमार के साथ एक साझेदार के रूप में हर कदम पर खड़ा रहेगा। दोनों देश जानते हैं कि उनके सुरक्षा हित आपस में जुड़़े हुए हैं।' मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति को विकास का लक्ष्य हासिल करने में उनकी मदद करने का आश्वासन दिया।
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म्यांमार में फौजी शासन के कई सालों बाद आंग सान सू की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की सरकार बनी है। और पार्टी की तरफ से म्यांमार के राष्ट्रपति हुतिन ज्यॉ को बनाया गया है। दोनों देशों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिर दोहराया है कि वह अपनी जमीन पर विद्रोही गतिविधियों की इजाजत नहीं देंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने सू की की शांति प्रक्रिया पहल का भी समर्थन किया। मोदी ने कहा,'भारत 21वीं सदी पेन्गलोंग कॉन्फ्रेंस का समर्थन करता है।' सू की की शांति प्रक्रिया की इस पहल के जरिए तीन सशस्त्र विद्रोही गुट चीन की मदद से वार्ता की टेबल पर आए थे।
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बढ़ते प्रभाव को लेकर म्यांमार काफी चिंतित
विद्रोही गुटों को वार्ता के लिए राजी करने में मदद करने वाले चीन की विद्रोहियों और आर्थिक मामलों में बढ़ते प्रभाव को लेकर म्यांमार काफी चिंतित है। भारत म्यांमार की सुरक्षा और विकास में एक महत्वपूर्ण साझेदार बनना चाहता है।
दोनों देशों ने साथ काम करने के लिए सहमति जताई है। म्यांमार दुनिया के उन देशों में है जो दालों का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। भारत और म्यांमार ने कनेक्टिविटी, चिकित्सा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए चार समझौते किए हैं।
दोनों देशों ने साथ काम करने के लिए सहमति जताई है। म्यांमार दुनिया के उन देशों में है जो दालों का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। भारत और म्यांमार ने कनेक्टिविटी, चिकित्सा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए चार समझौते किए हैं।