भारत में नव वर्ष पर पैदा होने वाले बच्चों की संख्या सबसे अधिक, जानिए अन्य देशों के भी आंकड़े
- वैश्विक स्तर पर चार लाख में से 67,385 बच्चों ने लिया भारत में जन्म
- साल 2027 तक आबादी के मामले में चीन को पछाड़ देगा भारत
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जनवरी की पहली तारीख को विश्व भर में सबसे अधिक बच्चों ने भारत में जन्म लिया है। यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर करीब चार लाख बच्चों ने जन्म लिया है। इनमें से 67,385 बच्चे भारत में पैदा हुए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर चीन है, जहां नववर्ष पर 46,299 बच्चे पैदा हुए।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की नई कार्यकारी निदेशक हेनरिटा एच. फोर ने कहा, ‘नए वर्ष और नए दशक की शुरुआत उन उम्मीदों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने का अवसर है, जो न केवल हमारे भविष्य के लिए बल्कि भावी पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी।’
उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक वर्ष जनवरी में हमें प्रत्येक बच्चे के जीवन के सफर की सभी संभावनाओं की याद दिलाई जाती है।’ हेनरिटा ने कहा कि यूनिसेफ हर साल जनवरी में विश्वभर में नववर्ष पर पैदा हुए बच्चों के जन्म का जश्न मनाता है। अनुमान है कि साल 2027 तक भारत आबादी के मामले में चीन को पीछे कर देगा।
अन्य देशों के आंकड़े
संभवत: 2020 में सबसे पहले फिजी में बच्चे का जन्म हुआ, जबकि सबसे आखिरी नंबर अमेरिका का रहा। इस सूची में शामिल देश हैं भारत (67,385), चीन (46,299), नाइजीरिया (46,299), पाकिस्तान (16,787), इंडोनेशिया (13,020), अमेरिका (10,452), गणराज्य कांगो (10,247) और इथियोपिया (8,493)।
भारत की आबादी अभी और बढ़ने के आसार
संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, 2019 से 2050 के बीच भारत की आबादी 27.3 करोड़ बढ़ने का अनुमान है। इसी अवधि में नाइजीरिया की आबादी में 20 करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है। ऐसा होने पर इन दोनों देशों की कुल आबादी 2050 में वैश्विक आबादी में वृद्धि का 23 फीसदी होगी।