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ड्रैगन को झटका: चीन के प्रभाव को कम करेगा भारत-नेपाल का ये प्लान, काठमांडू से जुड़ेंगे कई बड़े शहर
Fri, 08 Oct 2021 05:54 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 08 Oct 2021 05:54 PM IST
सार
भारत ने रक्सौल और काठमांडू को जोड़ने के लिए चार रेलवे लाइनों का प्रस्ताव दिया है। नेपाल सरकार से जमीन की मंजूरी मिलने के बाद ये प्रोजेक्ट पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा। 136 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को भारत द्वारा नेपाल में चीन के प्रभाव को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है...
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रक्सौल जंक्शन
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
भारत से नेपाल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब यात्री ट्रेन के जरिए पड़ोसी देश के शहरों के यात्रा आसानी कर सकेंगे। इसके लिए हाल ही में भारत-नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को लेकर दिल्ली में एक बड़ी बैठक हुई। इसमें जयनगर कुर्था सेक्शन पर पैसेंजर ट्रेन सर्विस शुरू करने के लिए एसओपी साइन किया गया। इसमें जयनगर भारत में जबकि कुर्था नेपाल में स्थित है।
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इसके अलावा भारत और नेपाल ने रक्सौल से काठमांडू के बीच प्रस्तावित ब्रॉड-गेज रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को लेकर एमओयू पर भी साइन किया है। ब्रॉड-गेज के तैयार के होने से नेपाल की राजधानी काठमांडू भारत के प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ जाएगी। इस ट्रैक के बन जाने से भारत और किसी और देश से माल सीधे काठमांडू पहुंचाया जा सकेगा। मौजूदा वक्त में विदेशी शिपमेंट बीरगंज पहुंचती है, जहां से पूरे नेपाल को सामान भेजा जाता है।
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भारत ने रक्सौल और काठमांडू को जोड़ने के लिए चार रेलवे लाइनों का प्रस्ताव दिया है। नेपाल सरकार से जमीन की मंजूरी मिलने के बाद ये प्रोजेक्ट पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा। 136 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को भारत द्वारा नेपाल में चीन के प्रभाव को कम करने की दिशा में देखा जा रहा है। अगले 18 महीने में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी।
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इसके अलावा इस बैठक में भारत सरकार के अनुदान से विकसित की जा रही जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास और जोगबनी-विराटनगर ब्रॉड गेज रेलवे लाइनों के चल रहे कार्यों पर चर्चा की। जयनगर से कुर्था तक रेलवे लाइन 34 किलोमीटर लंबी है। इस रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन से भारत और नेपाल दोनों देशों ने लाखों नागरिकों को फायदा होगा।