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ब्रिटिश संसद में कश्मीर पर चर्चा के लिए पाक मंत्री ने पीओके नेताओं को दिया न्योता, भारत की आपत्ति
Fri, 01 Feb 2019 10:56 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 01 Feb 2019 10:56 AM IST
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हाउस ऑफ कॉमंस
भारत ने ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित होने वाले उस सेमिनार को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी शामिल होंगे। कुरैशी ने इसके लिए पाकिस्तान के सांसदों और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के राजनीतिक नेताओं को भी आमंत्रित किया है।
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गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'ब्रिटेन इस मामले में हमारी संवेदनशीलता के बारे में जानता है।' कुमार ने कहा, 'एक मित्र देश के रूप में और एक रणनीतिक साझेदार के तौर पर हम उम्मीद करते हैं कि ब्रिटिश सरकार हमारी चिंताओं को दूर करेगी जो हमने प्रस्तावित सेमिनार को लेकर उसे बताई हैं। इसका इरादा स्पष्ट रूप से भारत की एकता, संप्रभुता, और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करना है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'यह कार्यक्रम एक बार फिर से पाकिस्तान के दोहरे रवैये को दर्शाता है। एक तरफ वह शांति की बात करते हैं और दूसरी तरफ उन ताकतों के साथ काम करते हैं जो भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ाता है।'
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भारतीय प्रवक्ता ने कहा, 'हम पाकिस्तान के इस तरह के व्यवहार की निंदा करते हैं।' यह प्रस्तावित सेमिनार कश्मीर पर ब्रिटिश सर्वदलीय संसदीय समूह की एक रिपोर्ट पर आधारित होगा। जिसकी अध्यक्षता सांसद क्रिस लेस्ली करेंगे।
बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी और हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक के बीच फोन पर बातचीत हुई। जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की तरफ से इस बाबत बयान जारी किया गया था। जिसपर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को बताया था कि मुख्य रूप से सख्त संदेश देने के लिए यह प्रतिक्रिया जाहिर की गई ताकि कुछ हदें पार नहीं की जानी चाहिए। सूत्रों ने बताया कि खासकर भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के उस बयान पर रोष व्यक्त किया जिसमें कश्मीर मुद्दे पर केंद्रित बातचीत का ब्योरा साझा किया गया।