{"_id":"5795f8d24f1c1b8a0221e07f","slug":"india-declares-pakistan-a-no-school-going-mission","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्र ने पाकिस्तान में तैनात राजनयिकों से कहा, बच्चों को भारत भेज दो ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
केंद्र ने पाकिस्तान में तैनात राजनयिकों से कहा, बच्चों को भारत भेज दो
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 25 Jul 2016 06:12 PM IST
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फाइल फोटोः राजनयिक अधिकारियों की संख्या घटाने पर भी विचार
- फोटो : Getty Images
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भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से अपने बच्चों को वापस भारत भेजने के लिए कहा है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारतीय अधिकारी या तो अपने बच्चों को वापस भारत भेज दे या खुद ही वापस आ जाए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पाकिस्तान में तैनात भारतीय अधिकारी अपने बच्चों को साथ नहीं रख सकते साथ ही वे अधिकारी भी जो पाकिस्तान में पोस्टिंग चाह रहे हैं। हालांकि पत्नी साथ में रह सकती हैं।
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सरकार के इस निर्णय से दूतावास में कार्यरत अधिकारियों के 50 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। ये बच्चे पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ रहे भारतीय बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है।
इसके साथ ही भारत सरकार पाकिस्तान में दूतावास के अधिकारियों की संख्या भी कम कर सकती है।
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केंद्र सरकार ने शनिवार को इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के लिए पाकिस्तान को 'नो स्कूल गोइंग मिशन' घोषित कर दिया गया है। 'नो स्कूल गोइंग मिशन' का अर्थ इस बात से है कि भारतीय दूतावास के अधिकारी अपने बच्चे को पाकिस्तान में स्कूल नहीं भेज सकते।Indian Govt asks staff members of Indian High Commission in Islamabad to send their school-going children back to India.
— ANI (@ANI_news) July 25, 2016
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारतीय अधिकारी या तो अपने बच्चों को वापस भारत भेज दे या खुद ही वापस आ जाए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक पाकिस्तान में तैनात भारतीय अधिकारी अपने बच्चों को साथ नहीं रख सकते साथ ही वे अधिकारी भी जो पाकिस्तान में पोस्टिंग चाह रहे हैं। हालांकि पत्नी साथ में रह सकती हैं।
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सरकार के इस निर्णय से दूतावास में कार्यरत अधिकारियों के 50 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। ये बच्चे पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ रहे हैं।
खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार पाकिस्तान के स्कूलों में पढ़ रहे भारतीय बच्चों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है।
इसके साथ ही भारत सरकार पाकिस्तान में दूतावास के अधिकारियों की संख्या भी कम कर सकती है।
पाकिस्तान मीडिया में लीक हुई खबर
फाइल फोटोः विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप
- फोटो : Getty Images
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक भारत सरकार ने यह फैसला जून 2015 में लिया। हालांकि पाकिस्तानी मीडिया में यह फैसला सोमवार को लीक हो गया।
विदेश मंत्रालय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह सामान्य बात है। सभी देश अपने अधिकारियों और संबंधित नीतियों की समीक्षा करते हैं। नोटिस के मुताबिक मौजूदा शैक्षिक सत्र को देखते हुए इस्लामाबाद में कार्यरत दूतावास के अधिकारियों को अपने बच्चों की शिक्षा के लिए पाकिस्तान से बाहर विकल्प देखने को कहा गया है।
पाकिस्तान के समाचार पत्रों में यह स्टोरी शुक्रवार की प्रमुख खबरों में है।
विदेश मंत्रालय ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह सामान्य बात है। सभी देश अपने अधिकारियों और संबंधित नीतियों की समीक्षा करते हैं। नोटिस के मुताबिक मौजूदा शैक्षिक सत्र को देखते हुए इस्लामाबाद में कार्यरत दूतावास के अधिकारियों को अपने बच्चों की शिक्षा के लिए पाकिस्तान से बाहर विकल्प देखने को कहा गया है।
पाकिस्तान के समाचार पत्रों में यह स्टोरी शुक्रवार की प्रमुख खबरों में है।
आतंकियों को कोई मौका नहीं देना चाहती सरकार
फाइल फोटोः हाफिज सईद लगातार कश्मीर मुद्दे पर बयानबाजी कर रहा है।
- फोटो : Getty Images
दूसरी ओर भारतीय अधिकारियों ने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि जवाबी रूप में पाकिस्तान भी ऐसे कदम उठा सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि यह निर्णय जून 2015 में लिया गया था ताकि अधिकारियों को पर्याप्त समय मिल सके।
कश्मीर में कथित तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान ने अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं, भारत ने पाकिस्तान से अपने अधिकारियों के लिए सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी भारत के खिलाफ जिहाद की आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार आने वाले दिनों में आतंकियों को कोई मौका नहीं देना चाहती।
कश्मीर में कथित तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान ने अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं, भारत ने पाकिस्तान से अपने अधिकारियों के लिए सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी भारत के खिलाफ जिहाद की आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में भारत सरकार आने वाले दिनों में आतंकियों को कोई मौका नहीं देना चाहती।
कश्मीर मसले पर शरीफ नहीं है नवाज
कश्मीर मसले पर शरीफ नहीं है नवाज
- फोटो : Getty Images
रविवार को एक कार्यक्रम में मुंबई हमलों के गुनहगार हाफिज सईद ने जमात उद दावा की टीम के लिए भारतीय वीजा की बात कही थी। हाफिज की टीम का प्लान कश्मीर का दौरा करना है। पाकिस्तान हमेशा इस बात पर जोर देता है कि जमात उद दावा चैरिटी के कार्यक्रम करता है और प्राकृतिक आपदा में लोगों की मदद करता है।
भारतीय अधिकारियों ने हाफिज सईद की मांग को भड़काऊ बयान करार दिया। सूत्रों के मुताबिक स्कूली बच्चों को पाकिस्तान से वापस बुलाने का एक कारण यह भी हो सकता है कि कश्मीर का मुद्दा इतनी जल्दी ठंडा होने से रहा। दूसरी ओर इस मामले में धैर्य दिखाने के बजाय पाकिस्तान लगातार बयानबाजी कर मुद्दे को अलग रंग देने की कोशिश कर रहा है। जैसा कि हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि 'कश्मीर एक दिन पाकिस्तान का हिस्सा होगा।'
भारतीय अधिकारियों ने हाफिज सईद की मांग को भड़काऊ बयान करार दिया। सूत्रों के मुताबिक स्कूली बच्चों को पाकिस्तान से वापस बुलाने का एक कारण यह भी हो सकता है कि कश्मीर का मुद्दा इतनी जल्दी ठंडा होने से रहा। दूसरी ओर इस मामले में धैर्य दिखाने के बजाय पाकिस्तान लगातार बयानबाजी कर मुद्दे को अलग रंग देने की कोशिश कर रहा है। जैसा कि हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि 'कश्मीर एक दिन पाकिस्तान का हिस्सा होगा।'