बढ़ते कदम: भारत-चीन सीमा पर जल्द दौड़ेगी रेल, बॉर्डर पर पहला भूमिगत रेलवे स्टेशन होगा तिस्ता
पूर्वोत्तर सीमा रेलले के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने बताया कि कलिम्पोंग जिला स्थित सेवक-रंगपो रेल परियोजना (एसआरआरपी) की टनल संख्या टी-7 ने कुछ दिन पहले ही ब्रेक थ्रू हासिल किया।
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देश का पहला भूमिगत रेलवे स्टेशन होगा तीस्ता
पूर्वोत्तर सीमा रेलले के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सब्यसाची डे ने बताया कि कलिम्पोंग जिला स्थित सेवक-रंगपो रेल परियोजना (एसआरआरपी) की टनल संख्या टी-7 ने कुछ दिन पहले ही ब्रेक थ्रू हासिल किया। इस रूट की एक खासियत यह है कि भारतीय रेलवे नेटवर्क के अधीन पहला भूमिगत रेलवे स्टेशन तीस्ता बाजार स्टेशन इसी टनल में है। मुख्य टनल 3082 मीटर तक फैली हुई है, इसके साथ एक पहुंच टनल भी है। गुफा 650 मीटर तक फैली हुई है, इसके डिजाइन के हिस्से के रूप में एक सिंगल प्लेटफॉर्म है। 800 मीटर पहुंच वाले कुल अडिट लंबाई के साथ इस व्यापक गुफा में 6 क्रॉस पैसेज का एक नेटवर्क शामिल है, जो परियोजना के व्यापक पैमाने को प्रदर्शित करती है। यात्रियों की सुरक्षा और आराम की हर सुविधा का ख्याल रखा गया है।
न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि तीस्ता के पास स्थित यह टनल यंगर हिमालय की अतिसंवेदनशील और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय और भूकंपीय स्थितियों से होकर गुजरती है। यहां नवीनतम और सबसे सॉफिस्टिकेटेड टनलिंग तकनीक यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंक मेथड (एनएटीएम) का उपयोग किय गया है।
92 प्रतिशत काम पूरा
डे ने बताया कि सेवक (पश्चिम बंगाल) और रंगपो (सिक्किम) को जोड़ने वाली यह सेवक-रंगपो नई रेल लिंक परियोजना लगभग 45 किलोमीटर लंबी है। इसमें 14 टनल, 17 पुल और 5 स्टेशन शामिल हैं। सबसे लंबी सुरंग (टी-10) की लंबाई 5.3 कि.मी. और सबसे लंबा पुल (ब्रिज-17) की लंबाई 425 मीटर है। पूरी परियोजना संरेखण का लगभग 38.64 किलोमीटर टनल से गुजर रहा है। 92.31% टनलिंग कार्य पूरा हो चुका है।
बॉक्स
अब तक 11 किलोमीटर की लाइनिंग पूरी
वर्तमान में टनल टी-14, टी-09 और टी-02 में अंतिम लाइनिंग पूरी हो चुकी है और टनल टी-03, टी-05, टी-06, टी-07, टी-08, टी-10, टी-11 और टी-12 का कार्य प्रगति पर है। अब तक कुल 11.96 किलोमीटर लाइनिंग पूरी हो चुकी है। सभी सेक्शनों में दिन-रात कार्य चल रहा है।
बंगाल से दो घंटे में सिक्किम, सेना को होग फायदा
यह भारत में चल रही सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परियोजनाओं में से एक है और इस परियोजना के पूर्ण होने पर, पहली बार सिक्किम राज्य रेलवे से जुड़ जाएगा। दो घंटे में बंगाल से सिक्किम पहुंच जाएंगे। इसका उद्देश्य सिक्किम राज्य को वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इससे सिक्किम में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सीमा पर तैनात भारतीय सेना तक उनकी जरूरत के सारे सामान तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।
परियोजना पर एक नजर
- कुल लंबाई: 44.98
- किलोमीटर (सिक्किम :3.43 किलोमीटर, बंगाल: 41.6 किलोमीटर)
- आवंटित रुपए : कुल 4086 करोड़
- कुल टनल और लंबाई : 14 (सबसे लंबा टनल 5.27 किमी): 38.68
- किमी (86%)
- कुल ब्रिज : 17
- ब्रिज की लंबाई :2.24 किमी (5%): 375 मीटर
- कुल स्टेशन: सिवोक, रियांग, तिस्ता (भूमिगत), मेली और रंगपोकाम पूरा होने का अनुमानित समय: दिसंबर, 2024