भारत-चीन सीमा विवाद: आज फिर बात करेंगे सैन्य कमांडर, एलएसी पर दोनों देशों की सेनाएं हटीं
- पूर्वी लद्दाख में तीन-तीन जगह पर चीन-भारत ने हटाए अपने सैनिक और अस्थायी निर्माण
- पैंगोंग त्सो, दौलत बेग ओल्डी में अभी भी डटी है सेना, आज मेजर जनरल स्तर की वार्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-चीन के बीच होने वाली सैन्य वार्ता से एक दिन पहले पूर्वी लद्दाख में दोनों देशाें की सेनाओं ने कुछ जगहों पर ‘प्रतीकात्मक’ रूप से कदम पीछे खींचे हैं। तीन जगहों पर चीनी सेना पीछे हटी है और भारतीय सैनिक भी तीन जगह पीछे हटे हैं। दोनों देशों के बीच आज मेजर जनरल स्तर के अफसरों की वार्ता होनी है। सूत्रों के मुताबिक गलवां घाटी, पैंगोंग त्सो, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में दोनों सेनाएं अब भी डटी हैं।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को हॉट स्प्रिंग इलाके में भी कुछ पेट्रोलिंग प्वाइंट पर दोनों ओर की सेना पीछे हटी हैं। दोनों ओर से कुछ अस्थायी निर्माण और सैन्य वाहन भी हटाए गए हैं। एक महीने से ज्यादा से चल रहे सीमा विवाद को खत्म करने के लिए दोनों ओर से प्रयास जारी हैं।
बटालियन कमांडर स्तर पर दोनों देशों की ओर से अफसर हॉटलाइन पर बात कर रहे हैं। एक सैन्य अधिकारी ने कहा, यह सकारात्मक प्रगति है। हालांकि इस बारे में भारत या चीन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी हुआ है।
गौरतलब है कि छह जून को ही सैन्य कमांडरों की वार्ता में दोनों पक्ष सकारात्मक संदेश देने के लिए सैनिकों को प्रतीकात्मक रूप से पीछे हटाने पर राजी हुए थे। सूत्र ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि दोनों पक्ष पूरी तरह सेना हटा रहे हैं। इसी बैठक में मेजर जनरल स्तर के अधिकारियों की बातचीत पर भी सहमति बनी थी। दोनों देशों के सैनिकों में पांच मई को पैंगोंगे त्सो में हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद से भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है जो 2017 में दोकलम विवाद के बाद अब तक सबसे बड़ा सैन्य गतिरोध है।
- पैंगोंग त्सो और दौलत बेग ओल्डी में डटे हैं सैनिक
हालांकि, पैंगोंग त्सो और दौलत बेग ओल्डी इलाके में दोनों सेनाएं अब भी डटी हुई हैं। दोनों सेनाओं के बीच पैंगोंगे त्सो में ही हिंसक झड़प हुई थी, जो 2017 में दोकलम विवाद के बाद अब तक सबसे बड़ा सैन्य गतिरोध माना जाता है। इस महीने की शुरुआत में गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सेना ने फैसला किया था विवादित इलाकों पैंगोंगे त्सो, गलवां वैली, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी इलाके में चीनी सेना के आक्रामक रवैये से निपटने के लिए मजबूत दृष्टिकोण अपनाएगी।
- पांच मई को पहली बार हुई थी झड़प
भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच पांच मई को पहली बार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के सैनिक दो और बार भिड़े थे। इस विवाद को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत हो रही है।
छह जून को हुई सैन्य कमांडरों की वार्ता में भारत ने एलएसी पर पूर्व की स्थिति बहाल करने की मांग की थी। वहीं, सोमवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देशों के बीच विवाद बातचीत के जरिये हल हो जाएगा।