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आसाराम पर कसा आयकर का शिकंजा, 750 करोड़ वसूली का नोटिस
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Apr 2016 10:25 PM IST
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अपनी ही शिष्या के यौन शोषण के मामले में जेल में बंद कथावाचक आसाराम और उनके पुत्र नारायन साईं पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। आयकर विभाग के सूरत कार्यालय ने आसाराम और नारायन साईं की 2,500 करोड़ की संपति पर 30 प्रतिशत के कर के हिसाब से 750 करोड़ रुपये के संपत्ति कर की वसूली के लिये कार्यवाही शुरू की है। इस बारे में एक रिपोर्ट आयकर विभाग के आयुक्त के पास भी भेजी गई है।
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आयकर विभाग से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब तक कथावाचक आसाराम के आश्रमों एवं उनसे जुड़े करीब 70 ठिकानों पर विभागीय अधिकारियों और पुलिस ने छापा मारा है।
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वहां से मिले कागजातों के आधार पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को प्रोविजनल अटैचमेंट में लिया गया है। इन्हीं परिसंपत्तियों के आधार पर टैक्स का नोटिस जारी किया गया है। टैक्स नहीं मिलने की सूरत में संपत्ति बेच कर राजस्व हासिल किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि आसाराम के पुत्र नारायण र्साइं, जो कि जेल में बंद हैं, से आय कर विभाग के अधिकारियों ने दो बार पूछताछ की लेकिन हर बार नारायण ने यही जवाब दिया कि आश्रम और उनके सारे कारोबार को पिता आसाराम ही देखते हैं।
इसके बाद आयकर विभाग के अधिकारी जोधपुर जेल में बंद कथावाचक आसाराम के पास भी पूछताछ के लिये गये थे। लेकिन आसाराम ने इस बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दी। बताया जाता है कि उन्होंने आयकर विभाग के अधिकारियों के सवालाें के जवाब में मौन साधे रखा।
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग ने इस बारे में आसाराम को दो बार समन भी भेजा है, लेकिन समन का भी जवाब नहीं आया है। आयकर विभाग को हैरानी इस बात पर है कि जब आसाराम जेल में बंद हैं, तो उनकी संपत्ति में हर साल बढ़ोतरी कैसे हो जाती है।
उनके मुताबिक, कथावाचक ने हजारों लोगों को ब्याज पर भी पैसे दे रखेे हैं। आयकर विभाग के पास इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि ब्याज पर दी गई राशि पर कर चुकाया गया है।