सूखे दूध पाउडर से बढ़ेगी दूध उत्पादकों की आय, यूरोप, चीन और ईरान में तेज हुई मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैश्विक बाजार में स्किम मिल्क पाउडर (एसएमपी) की कीमत बढ़ने और देश से इसका निर्यात बढ़ने से दूध किसानों को अब पहले से बेहतर कीमत मिलने लगी है। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष दिलीप रथ ने कहा कि बीते एक-दो महीने में किसानों को भुगतान होने वाली दूध की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यदि एमएसपी निर्यात की दर इसी तरीके से बढ़ती रही तो आगे किसानों को और बेहतर कीमत मिलेगी।
दिलीप रथ ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में एसएमपी की कीमत घटने से देश में भी इसका असर पड़ा था और दूध पाउडर का भाव 135 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया था। इससे दूध किसानों की आमदनी भी प्रभावित हुई थी।
अभी पिछले एक-दो महीने से इसके भाव में सुधार हुआ हैं और अब यह करीब 200 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। इससे दूध यूनियन की आमदनी बढ़ी है, जिसका फायदा किसानों को भी मिलना शुरू हो गया है।
दो महीने में 10 हजार टन निर्यात
रथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दूध पाउडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही भारत सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिए शुरू किए गए मर्केंटाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) के तहत इस कमोडिटी पर भी प्रोत्साहन देना शुरू कर दिया है। गुजरात सरकार भी बीते जून से निर्यात किए जाने वाले दूध पाउडर पर प्रति किलो 50 रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है।
इससे पिछले दो महीने में ही दस हजार टन दूध पाउडर का निर्यात हुआ है। इसके बाद देश के विभिन्न दूध उत्पादक सहकारी यूनियनों ने किसानों को भुगतान होने वाली दूध की कीमत में बढ़ोतरी की। उनका कहना है कि यदि इसी तरह एसएमपी का निर्यात होता रहा तो किसानों को होने वाले भुगतान में और बढ़ोतरी होगी।
यूरोप में बेहतर संभावना
क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यूरोपीय बाजार समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में इस समय दूध पाउडर की मांग बढ़ रही है। यूरोप में पिछले साल करीब तीन लाख टन एसएमपी का स्टॉक था, जो कि इस समय गिरकर 70 हजार टन तक आ गया है। मतलब यूरोपीय देशों में इसके निर्यात की संभावना बेहतर होती दिख रही है।
उधर चीन में भी बीते दो महीने में दूध पाउडर का आयात पांच फीसदी बढ़ा है। साथ ही ईरान के कृषि मंत्रालय ने भी पिछले सप्ताह ही दूध पाउडर के आयात पर लगे प्रतिबंध को कुछ शर्तों के साथ उठा लिया है। इसलिए उम्मीद है कि भारतीय एसएमपी निर्यातकों के लिए बाहर पांव जमाने का यह बेहतर अवसर होगा। केंद्र और राज्य से मिल रही वित्तीय सहायता से निर्यातकों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बेहतर हो सकेगी।