फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   in Gujarat polls NCP has not taken any decision to back Congress

गुजरात राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के लिए बुरी खबर, NCP ने समर्थन पर नहीं खोले पत्ते

Mon, 07 Aug 2017 02:46 AM IST
एजेंसी, अहमदाबाद
एजेंसी, अहमदाबाद Updated Mon, 07 Aug 2017 02:46 AM IST
विज्ञापन
in Gujarat polls NCP has not taken any decision to back Congress
NCP-CONGRESS

एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने रविवार को यह कहकर कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दीं कि गुजरात राज्यसभा चुनाव में समर्थन देने पर अभी उनकी पार्टी ने फैसला नहीं किया है। गुजरात में आठ अगस्त को तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है।

विज्ञापन


एनसीपी ने 2012 में राज्य विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाकर लड़ा था। पार्टी के गुजरात में दो विधायक कंधाल जडेजा और जयंत पटेल हैं। एनसीपी के गुजरात प्रभारी पटेल ने आणंद में कहा, ‘लोग अब उनकी पार्टी के दो विधायकों को खोज रहे हैं, क्योंकि हालात ऐसे बन गए हैं जिसमें हर वोट अहम है।’
विज्ञापन


उन्होंने कहा, हालांकि उनकी पार्टी केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में शामिल थी लेकिन इस समय ऐसा कोई गठबंधन नहीं है। हम भले ही दो विधायकों वाला दल हों, लेकिन अचानक हमारी अहमियत बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पटेल ने कहा कि राज्यसभा में किसी भी पार्टी को समर्थन का फैसला शरद पवार से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। हमारे दोनों विधायक गुजरात के दूसरे नेताओं के साथ मिलकर शरद पवार से इस पर चर्चा करेंगे। इसके बाद ही यह फैसला होगा कि किस दल को समर्थन करना है।

ऐसी स्थिति के लिए कांग्रेस खुद जिम्मेदार 
जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस अपने 44 विधायकों को ‘बचाए रखने’ के लिए बंगलूरू ले गई है, तो उन्होंने कांग्रेस को ही मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया। कहा, आमतौर पर राज्यसभा का सांसद निर्विरोध चुना जाता है।

लेकिन कांग्रेस के कारण ही इस बार चुनाव की स्थिति बनी है। कांग्रेस के 14 विधायकों ने या तो पार्टी छोड़ दी है या कांग्रेस उम्मीदवार को वोट न देने का मन बना लिया है।

अहमद पटेल के लिए कठिन हो रही राह
 दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल गुजरात से पांचवीं बार राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं, लेकिन कांग्रेस के कद्दावर नेता शंकर सिंह वाघेला के पार्टी छोड़ने और छह कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने से उनके लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।

इनमें से तीन विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास पहले 57 विधायक थे, जो अब घटकर 51 रह गए हैं। आठ अगस्त को होने वाले चुनाव में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी को मैदान में उतारा है।


दोनों की जीत तय है। पार्टी ने तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के बागी बलवंत सिंह राजपूत को टिकट दिया है। उनका मुकाबला अहमद पटेल से है। पटेल को चुनाव जीतने के लिए 45 वोट चाहिए। कांग्रेस के पास बचे 51 विधायकों में से 44 इस समय बंगलूरू में हैं। लेकिन जो सात अन्य विधायक बंगलूरू नहीं गए हैं, उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed