फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   In Akhilesh-Shivpal does not finish crack

तो अभी भी नहीं पटी अखिलेश-शिवपाल के बीच की दरार

Mon, 13 Feb 2017 01:10 PM IST
जुबैर अहमद / बीबीसी हिंदी
जुबैर अहमद / बीबीसी हिंदी Updated Mon, 13 Feb 2017 01:10 PM IST
विज्ञापन
In Akhilesh-Shivpal does not finish crack

ऐसा लगता है कि भतीजे से चाचा अब भी बहुत नाराज हैं। उत्तर प्रदेश की सबसे अहम सियासी फैमिली में पारिवारिक झगड़े का असर पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच भी महसूस हो रहा है। क्या यूपी विधान सभा के चुनावी नतीजों पर चाचा शिवपाल सिंह यादव और भतीजे अखिलेश यादव के बीच टकराव का असर विधानसभा चुनाव पर भी होगा?

विज्ञापन


शिवपाल यादव ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष मुलाकात में कहा कि ये चुनाव के बाद पता चलेगा। "हमें तो टिकट मिला है। समाजवादी पार्टी की तरफ से मिला है। टिकट माँगा भी नहीं था तब भी मिला। आगे क्या होगा इसका फैसला जनता करेगी?" शिवपाल की बेबसी ये अपने आपमें एक बेबसी का बयान था।
विज्ञापन


असल में अब तक वो खुद ही उम्मीदवारों की सूची तैयार किया करते थे। इस बार उन्हें इस कार्य से बेदखल कर दिया गया।

मुलायम सिंह और छोटे भाई शिवपाल सिंह के समर्थक और कार्यकर्ता एक तरफ

In Akhilesh-Shivpal does not finish crack

इटावा समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। मुलायम सिंह यादव, बेटे अखिलेश सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव पास के सैफई गाँव में पैदा हुए, लेकिन उनके गढ़ में भी पार्टी में दरार पैदा हुई है। मुलायम सिंह और छोटे भाई शिवपाल सिंह के समर्थक और कार्यकर्ता एक तरफ।

मुख्यमंत्री अखिलेश के समर्थक एक तरफ।सतही तौर पर दोनों तरफ के कार्यकर्ता आपस में मिलते हैं, लेकिन थोड़ी गहराई में जाएं तो मतभेद साफ दिखाई देता है।

बनी हुई है दरार

रविवार को इटावा में बीबीसी हिंदी के फेसबुक लाइव में दोनों खेमों से भाग लेने वालों के बीच दरार धीरे-धीरे उभर कर आई। अखिलेश यादव के पक्ष में आए कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी। लेकिन मुलायम-शिवपाल के समर्थक कार्यकर्ताओं ने कहा पार्टी को वो शुभकामनाएं तो देते हैं, मगर उन्हें लगता है कि पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा।

हफ्तों की उठापटक के बाद अखिलेश यादव पिता और चाचा पर भारी पड़े

In Akhilesh-Shivpal does not finish crack

पिछले चुनाव में सपा को 228 सीटें मिली थीं। विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों को लेकर यादव परिवार में छिड़ी जंग थम तो जरूर गई है, लेकिन खत्म नहीं हुई है। हफ्तों की उठापटक के बाद अखिलेश यादव पिता और चाचा पर भारी पड़े। पार्टी विभाजित होने के कगार पर आ गई, लेकिन अखिलेश ने उम्मीदवारों की सूची से अपने चाचा का नाम नहीं हटाया।

चाचा को उम्मीदवार बनाया

शिवपाल यादव ने बीबीसी के इंटरव्यू में कहा, "हमने कोई पद कभी मांगा नहीं। मेरा मानना ये है कि कोई आदमी पद से बड़ा नहीं होता।"उनसे बातचीत के दौरान महसूस हुआ कि परिवार में मनमुटाव दूर नहीं हुआ है। शिवपाल सिंह के लहजे में तीखेपन को महसूस किया सकता था।

मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को पहली बार चुनावी मुहिम में भाग लिया। वो शिवपाल सिंह के लिए चुनाव प्रचार में शामिल हुए हैं। उनकी एक रैली सोमवार को भी है।

विज्ञापन

अगर उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से बेदखल भी करना था तो सम्मान के साथ करना था

In Akhilesh-Shivpal does not finish crack

शिवपाल यादव ने इसका महत्व बताते हुए कहा, "नेताजी हमारे जसवंतनगर क्षेत्र से विधायक रहे हैं। वो लोगों से मिलना चाहते थे। इसलिए वो हमारी सभाओं में आ रहे हैं। इससे हमारा काम भी सरल हो गया है।"जब पूछा गया कि क्या अखिलेश उनके लिए प्रचार करेंगे? तो वो थोड़ा भड़के और कहा "इस पर ना कोई कॉमेंट करूंगा और ना मुझे कुछ पता है।"

मुलायम का अपमान

जब पूछा गया कि घाव अब तक नहीं भरा तो वो जवाब देने से कतराए, लेकिन कार्यकर्ताओं ने खुल कर बात की। उनके समर्थकों की शिकायत थी कि उनका और मुलायम सिंह का अपमान किया गया है। अगर उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से बेदखल भी करना था तो सम्मान के साथ करना था।

अखिलेश के समर्थक कहते हैं कि नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव सब के आदर्श थे और रहेंगे। शिवपाल यादव का कद ऊँचा है और रहेगा। लेकिन उनके अनुसार अखिलेश यादव पार्टी और राज्य के युवा नेता हैं और वही इसका भविष्य। ऐसा लगा पार्टी अब भी दो खेमों में विभाजित है। एक पुरानी पीढ़ी के साथ है जिनकी संख्या कम है और दूसरा नई पीढ़ी के करीब है। वो काफी अधिक संख्या में हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed